apj abdul kalam ka jeevan parichay – ए पी जे अब्दुल कलाम जीवन परिचय

APJ Abdul kalam ka jeevan parichayए पी जे अब्दुल कलाम जीवन परिचय विस्तार से

भारत के महान वैज्ञानिक apj abdul kalam ka jeevan parichay में जानेंगे की कैसे वे ‘जनता के राष्ट्रपति‘ कहलाये। क्यों उन्हें भारत का ‘मिसाइल मेन (missile man ) के नाम से जाना जाता है।

इस लेख में डॉक्टर अब्दुल कलाम के जीवन की विकास यात्रा पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला गया है। ए पी जे अब्दुल कलाम वैज्ञानिक के रूप में कार्ये करते हुए कई स्वदेशी मिसाइलों को विकसित और सफल परीक्षण किया।

इस कारण वे भारत में मिसाइल प्रोग्राम के जनक और मिसाइल मेन के नाम से प्रसिद्ध हुए। उनके निर्देशन में मिसाइल और नाभकीय क्षेत्र में भारत ने कई मुकाम को हासिल किया। भारत ने 11 और 13 मई, 1998 को राजस्थान के पोरखरण में उन्ही की उपस्थिति में पांच परमाणु परीक्षण किये थे।

APJ ABDUL KALAM KA JEEVAN PARICHAY - ए पी जे अब्दुल कलाम का जीवन परिचय
APJ ABDUL KALAM KA JEEVAN PARICHAY – ए पी जे अब्दुल कलाम जीवन परिचय

कलाम साहब उस बक्त रक्षा मंत्रालय में सलाहकार वैज्ञानिक के पद पर आसीन थे। ए पी जे अब्दुल कलाम जीवन परिचय में आगे जानेंगे की कैसे वे एक निर्धन परिवार में जन्म लेने के बावजूद देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे।

अब्दुल कलाम की जीवनी  पढ़ने से लगता है की उन्हें बचपन से स्वावलंबी जीवन पसन्द था। बचपन में अखबार बेचकर अपने पढ़ाई का खर्च और पिता की आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद किया करते थे।

उस बक्त शायद ही किसी ने सोचा होगा की अखबार बेचने वाला लड़का एक दिन विश्व का महान वैज्ञानिक और भारत का राष्ट्रपति बनेगा। वे अपने कर्तव्य-पथ पर हमेशा आगे बढ़ते रहे।

इस प्रकार एक दौर आया जब वे मिसाइल मेन कहलाने से लेकर राष्ट्रपति के महान् पद तक पहुंचे। यदपि वे  जीवन भर अविवाहित रहे लेकिन बच्चों से उन्हें बहुत ही लगाव था। अगर आप अब्दुल कलाम के बारे में जानकारी चाहते हैं तो यह लेख पूरा पढ़ें।

भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम जीवन के अंतिम क्षण तक देश की सेवा में लगे रहे। उन्हें भारतीय संगीत के साथ काव्यरचना और लेखन में भी गहरी रुचि थी।

इस ब्लॉग के apj abdul kalam ka jeevan parichay  शीर्षक वाले भाग में आप अब्दुल कलाम की जीवनी, एपीजे अब्दुल कलाम के विचार तथा उनके जीवन से जुड़ी इतिहास, सम्मान व पुरस्कार के बारे में विस्तार से जान सकेंगे।

ए पी जे अब्दुल कलाम जीवन परिचय – apj abdul kalam ka jeevan parichay

APJ Abdul kalam full name in Hindi

एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम डॉ. अब्दुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम है। इनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 ईस्वी में एक साधारण मुस्लिम परिवार में हुआ था। एपीजे अब्दुल कलाम का जन्मभूमि तमिलनाडु राज्य के रामेश्वरम् कहलाता है।

APJ ABDUL KALAM KA JEEVAN PARICHAY - ए पी जे अब्दुल कलाम जीवन परिचय
मिसाइल मेन अवुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम
इमेज By Bhaskar De – commons.wikimedia.org

आगे हम एपीजे अब्दुल कलाम के माता पिता का नाम की जानकारी हासिल करेंगे। अब्दुल कलाम के पिता का नाम जैनुलाबदीन (Jainulabdeen)  था। इनके पिता मछुआरों का काम करते थे। इसके अलाबा इनके पिता अन्य मछुआरों को अपनी नाव भाड़े पर देने का भी काम किया करते थे।

यही उनके परिवार के आय का मुख्य स्रोत था। अब्दुल कलाम की माता का नाम अशिअम्मा थी। डॉ. ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम की पत्नी और बच्चे नहीं थे क्योंकि उन्होंने शादी नहीं की तथा आजीवन अविवाहित रहे।

इन्हें भी पढ़ें – गणित का जादूगर रामानुजन का जीवन परिचय

एपीजे अब्दुल कलाम की पढ़ाई

उनकी प्रारम्भिक शिक्षा रामेश्वरम् के पास रामनाथपुरम् में हुई। अब्दुल कलाम जीवनी पढ़ने से लगता है की उनके अंदर कुछ कर गुजरने की तमन्ना बचपन से ही थी। उस दौर में बिजली के अभाव होता था।

इस कारण वे दीपक की रोशनी में कई घंटे अपनी पढ़ाई करते थे। साथ ही अपने पढ़ाई का खर्चा निकलने के लिए वे सुवह अखबार बेचा करते थे। चूंकि बचपन से ही वे मेहनती और स्वावलंबी थे।

फलतः मदरसे में अपनी पढ़ाई के साथ-साथ वे सुबह रामेश्वरम् के बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर जाकर अखबार बेचने का काम करते थे। इस प्रकार निर्धनता को उन्होंने कभी अपने पढ़ाई में बाधक नहीं बनने दिया।

हाईस्कूल पास करने के बाद उनका नामांकरण तिरुचिरापल्ली के जोसफ कॉलेज में हुई। जहाँ से उन्होंने विज्ञान विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त  की।

तत्पश्चात सन् 1957 में उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से ऐरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में डी.एम.आई.टी. की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उनकी पहली नियुक्ति सन् 1958 में रक्षा-अनुसन्धान एवं विकास संगठन में हुई।

कैरियर की शुरुआत (biography of apj abdul kalam in hindi)

पीछे हमने apj abdul kalam ka jeevan parichay में जाना की उनकी Career की शुरुआत रक्षा-अनुसन्धान एवं विकास संगठन में एक वैज्ञानिक के रूप में सन् 1958 ईस्वी में की।

अपनी विलक्षण प्रतिभा के कारण सन् 1963 ईस्वी में उनका चयन भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन में हो गया। भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन अर्थात इसरो में उन्हें एस. एल. वी.-3 के परियोजना निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया।

उनका सोच था की देश की प्रगीत स्वदेशी तकनीक के बिना संभव नहीं है। इसके लिए उन्होंने कई देशी तकनीक पर काम किया। इस प्रकार कई अन्तरिक्ष परियोजनाओं के स्वदेशी पारुप तैयार करने में उनका अहम योगदान रहा।

साथ ही उनकी संरक्षण में देशी तकनीक से विकसित कई मिसाइलों का सफल परीक्षण किया गया। एपीजे अब्दुल कलाम की मिसाइल के नाम पृथ्वी, त्रिशूल, आकाश, नाग और अग्नि था।

अब्दुल कलाम की विशेषताएँ apj abdul kalam ka jeevan parichay

डॉ. कलाम का जन्म एक मछुआरे मुस्लिम परिवार में होने के बावजूद उन्हें शाकाहारी भोजन करते थे। भारत के सभ्यता और संस्कृति से उन्हें गहरी लगाव था। अब्दुल कलाम साहब भारतीय शास्त्रीय संगीत में भी गहरी रुचि रखते थे।

वे भारतीय आदर्शों व मूल्यों के प्रति सदैव आस्थावान रहे। उनकी प्रिय पुस्तक में श्रीमद्भगवद्गीता का नाम आता है। उन्हें सभी धर्मों के लोग सम्मान की दृष्टि से देखते थे। बच्चों से उन्हें इतना गहरा लगाव था की राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने स्कूली बच्चों को राष्ट्रपती भवन बुलाया था।

उनका सपना था की विश्व में, भारत की गिनती एक उन्नत और सबल राष्ट्र के रूप में हो। अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने जीवनप्रयत्न काम किया और भारत को एक परमाणु सम्पन्न राष्ट की श्रेणि में लाकर खड़ा कर दिया।

लेखन व काव्य के प्रति भी गहरी रुचि

डॉ अब्दुल कलाम साहब का अन्य भारतीय भाषाओं के साथ-साथ उनकी मातृभाषा तमिल के प्रति उनका विशेष लगाव था। वे एक अच्छे कवि थे तथा काव्यरचना में भी उनकी गहरी रुचि थी। उन्होंने कई  तमिल कविताएँ की रचना भी की।

इसके साथ ही विभिन्न विषयों पर अब्दुल कलाम जी ने पुस्तकें लिखी। डॉ अब्दुल कलाम द्वारा लिखित कुछ प्रमुख पुस्तकों की सूची (List of Books written By Abdul Kalam) इस प्रकार हैं।

अब्दुल कलाम की पुस्तकें (A.P.J. Abdul Kalam Books )और प्रकाशन वर्ष

  • इंडिया 2020: ए विजन फॉर द न्यू मिलेनियम(India vision: A Vision for the New Millennium), वर्ष -1998।
  • विंग्स ऑफ फायर: एक आत्मकथा (Wings of Fire: An Autobiography),  वर्ष -1999।
  • इगनाइटेड माइंड्स: अनलीजिंग द पॉवर विदिन इंडिया(Unleasing the Power Within India), वर्ष:- 2002।
  • ए बायोग्राफी इन वर्स एंड कलर्स(The Luminous Sparks: A Biography in Verse and Colours), वर्ष – 2004।
  • मिशन ऑफ इंडिया: ए विजन ऑफ इंडियन यूथ (Mission of India: A Vision of Indian Youth)  वर्ष – 2005।
  • माई जर्नी: ट्रांसफॉर्मिंग ड्रीम्स इन्टू एक्शंस(My Journey: Transforming Dreams into Actions), वर्ष:- 2013।

मिसाइल मेन (missile man ) बनने तक का सफर

भारत को मिसाइल के क्षेत्र मे उन्नत बनाने में कलाम साहब का अद्वितीय योगदान रहा। उनके कार्यकाल में भारत ने मिसाइल के क्षेत्र में कई उपलब्धियों को हासिल किया। साथ ही भारत के नाभिकीय कार्यक्रमों में इन्होंने अहम योगदान दिया।

ए. पी जे अब्दुल कलाम की खोज और अनुसंधान काफी सराहनीय रहा।अब्दुल कलाम साहब सन 1958 ईस्वी से लेकर सन 1963 ईस्वी तक इसरो(ISRO) में वैज्ञानिक पद पर कार्यरत रहे।

तत्पश्चात वे सन् 1963 ईस्वी से लेकर सन 1982 ईस्वी तक डिफेन्स रिसर्च एण्ड डेवलपमैन्ट लैबोरेटरी(DRDO), हैदराबाद के डाईरेक्टर के पद पर रहे। बाद में वे भारत सरकार के रक्षा-मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार के पद पर आसीन रहे। 

एपीजे अब्दुल कलाम की मिसाइल के नाम

मिसाइल टेक्नोलाजी के क्षेत्र में इनका कार्य अत्यंत ही सराहनीय रहा। उनके कार्यकाल में भारत ने स्वदेश में निर्मित अग्नि, पृथ्वी, आकाश, त्रिशूल और नाग जैसे मिसाइलों का सफल परीक्षण किया।

देश को मिसाइलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में उनका बहुत बड़ा हाथ रहा। मिसाइल के क्षेत्र में योगदान के कारण ही उन्हें भारत का मिसाइल मेन (missile man )के नाम से पुकारा जाता है। 

राष्ट्रपति के पद पर नियुक्ति A.P.J. Abdul Kalam President

सन 2002 में जब भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री के. आर. नारायणन का कार्यकाल पूरा हुआ। डॉ. कलाम को भारत के राष्ट्रपति पद के लिए सुयोग्य उम्मीदवार माना गया। अधिकांश राजनीतिक पार्टियों ने उनका समर्थन किया।

फलस्वरूप 25 जुलाई  सन 2002 को उन्होंने भारत के 12 वें राष्ट्रपति के रूप में सपथ लेकर देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान  हुए। इस प्रकार आपने सन 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति के पद को सुशोभित किया।

इन्हें भी पढ़ें – भारत के राष्ट्रपति के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

भारतीय नौसेना के साथ तत्कालीन राष्ट्रपति Image by commons.wikimedia.org

हमारे देश के लिए यह बहुत ही गौरवपूर्ण बात है कि राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद पर मिसाइल मेन डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम विराजमान रहे। देश के सभी वैज्ञानिक के साथ-साथ समस्त देशवासी का उनके ऊपर गर्व है।

इन्हें भी पढ़ें – जानिये भारत के राष्ट्रपति के पास कौन-कौन से शक्ति होती है।

सम्मान व पुरस्कार – apj abdul kalam ka jeevan parichay in hindi

डॉ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम(Dr. A.P.J. ABDUL KALAM) ने दुनियाँ में भारत को मिसाइल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महती योगदान दिया। राष्ट्रनिर्माण में अहम योगदान के लिए ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम को कई पुरस्कार और सम्मान से अलंकृत किया गया।

भारत सरकार ने उन्हें सन् 1981 ईस्वी में पद्म भूषण तथा सन 1990 ईस्वी में पद्म विभूषण से सम्मानित किया। डॉ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम को सन 1997 ईस्वी में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया।

सन् 2000 ईस्वी में विश्व-भारती का देशी कोटम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनके साथ ही वे ओमप्रकाश भसीन पुरस्कार, डॉ. बिरेन राय स्पेस अवार्ड, नेशनल नेहरू अवार्ड आदि से सम्मानित किये गये।

सन 1994 ईस्वी में डॉ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम साहब को आर्यभट्ट पुरस्कार तथा एरोनौटीकल सोसाइटी ऑफ इन्डिया अवार्ड से भी अलंकृत किया गया। वर्ष 1996 में उन्हें जी.एम. मोदी पुरस्कार तथा एच.के. फ्लोरिडा एवार्ड प्रदान किया गया।

ये कई प्रसिद्ध संस्थाओं के उपाध्यक्ष (vice president ) और फैलो रहे। कलाम साहब एरोनौटीकल सोसाइटी के वाइस प्रेसीडेन्ट के साथ-साथ इन्डियन एकेडेमी ऑफ साइंस, इन्डियन नेशनल एकेडेमी ऑफ इंजीनियरिंग आदि के फैलो (सदस्य) भी चुने गये। 

एपीजे अब्दुल कलाम की मृत्यु (A.P.J. abdul kalam death )

आगे हम जानेंगे की एपीजे अब्दुल कलाम की मृत्यु कब, कहां और कैसे हुई? एपीजे अब्दुल कलाम की मृत्यु 27 जुलाई 2015 को मेघालय की राजधानी शिलांग में हुआ था। उन्होंने जीवन के आखिरी पल तक इस देश की सेवा करते हुए इस संसार से सदा के लिए प्रस्थान कर गये।

भारतीय मिसाइल प्रोग्राम के जनक, मिसाइलमैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि, 27 जुलाई को पूरे देश में उन्हें श्रद्धा और नमन के साथ याद किया जाता है।

आप अगर एपीजे अब्दुल कलाम निबंध, ए पी जे अब्दुल कलाम का जीवन परिचय (apj abdul kalam ka jeevan parichay ), apj abdul kalam biography pdf इंटरनेट में सर्च कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए उपयोगी हो सकता है।

अब्दुल कलाम के विचार सदा युवाओं को प्रेरित करते रहेंगे। उनका कहना था “सपने वो नहीं होते जो हम रात में सोने के बाद देखते हैं। बल्कि हमारे सपने ऐसा होना चाहिए जो हमें सोने न दे।

आपको apj abdul kalam ka jeevan parichay in hindi का यह लेख कैसा लगा, अपने सुझाव से जरूर अवगत करायें।

इन्हें भी पढ़ें – महान वैज्ञानिक सर सी वी रमन का जीवन परिचय

महान खगोलशास्त्री मेधनाथ साहा का जीवन परिचय

भारत का आइंस्टीन नागार्जुन का जीवन परिचय

गणित का जादूगर रामानुजन का जीवन परिचय

Leave a Comment