जहाँ भी दृष्टि जाती है यहाँ के मकान नीले रंग के दिखाई देते हैं। ऐसा प्रतीत होता है की आसमान जमीन पर उतर आया हो। तभी तो जोधपुर को ब्लू सिटी (blue city) कहा जाता है। 

जोधपुर भारत के प्रसिद्ध राज्य राजस्थान के थार रेगिस्तान में स्थित एक इसिहसिक शहर है। जोधपुर को थार मरूस्थल का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। 

राजस्थान जयपुर के बाद जोधपुर राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। जोधपुर को राज्य का न्यायिक राजधानी भी कहा जाता है। क्योंकि की राजस्थान का हाईकोर्ट जोधपुर में ही स्थित है। 

कहा जाता है की जोधपुर में सालोंभर सूर्य अपनी विशेष दमक दिखाता रहता है। इसी कारण से राजस्थान के जोधपुर शहर को सूर्य नगरी (sun city) भी कहा जाता है। 

जोधपुर शहर की स्थापना राठोर राव जोधा ने 12 मई 1459 ईस्वी में की थी। उन्होंने एक पहाड़ी पर मेहरानगढ़ दुर्ग का निर्माण कर अपनी राजधानी बनाया। 

जोधपुर में कई स्थान हैं जो पर्यटक को खूब आकर्षित करता है। यह घूमने लायक जगहों में मेहरानगढ़ दुर्ग, उम्मेद भवन, मोती महल, जोधपुर का घंटाघर तथा जसवंतथड़ा प्रमुख है।

जोधपुर का महल अपने खूबसूरत वास्तुकला और नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। इस सुंदर शहर का इतिहास राठौड़ वंश के इर्द-गिर्द ही घूमता है। यहाँ आज भी शाही राज बंसज निवास करते हैं।

मेहरानगढ़ का विशाल भव्य किला जोधपुर शहर की पहचान है। यह किला एक पहाड़ी चट्टान पर स्थित है जिसमें आठ द्वार बने हैं। 

जोधपुर के प्रसिद्ध पैलेस में उमेद भवन पैलेस का नाम प्रमुख है। इसका निर्माण 1943 में भारत के राजाओं द्वारा निर्मित अंतिम भवनों में होता है। 

कहा जाता है की भारत विभाजन के समय जोधपुर के तत्कालीन राजा भारत में शामिल होना नहीं चाहते थे। लेकिन तत्कालीनगृह मंत्री सरदार पटेल के प्रयास से यह संभव हुआ।

राजस्थान का जोधपुर मालानी घोड़ों की दुर्लभ नस्ल के लिए भी प्रसिद्ध है। घोड़े के यह नस्ल केवल जोधपुर में ही पाया जाता है। इस इलाके के लोगों को आज भी ’मारवाड़ी’ के नाम से जाना जाता है। 

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