भारत का राष्ट्रीय फूल कमल के बारे में रोचक जानकारी

भारत का राष्ट्रीय फूल कमल है। किसी भी देश का राष्ट्रीय फूल उसकी संस्कृति से जुड़ा होता है। भारत का राष्ट्रीय फूल कमल आदि समय से ही भारयहाँ के संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। वेदों में भी कमल का फूल अर्थात पदम का गुणगान किया गया है।

Kamal Ka Phool - National Flower Of India
( कमल का फूल फोटो )Photo by Jay Castor on Unsplash

कमल के फूल का गुणगान हमारे पौराणिक कथाओं में भी किया गया है। कमल का फूल कीचड़ में जन्म लेने के बावजूद भी कीचड़ इसे दूषित नहीं कर सकता।

कमल का फूल किसका प्रतीक है

भारत का राष्ट्रीय फूल कमल के फूल को अति पावन माना गया है जो पौराणिक समय से ही भारत में पाया जाता है। इसका बहुगुणीय औषधि के रूप में भी उपयोग होता है। कमल का फूल आध्यात्मिकता, ज्ञान और पवित्रता का प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है।

कमल को राष्ट्रीय पुष्प कब घोषित किया गया

1857 के स्वतंत्रता संग्राम में प्रतीक चिन्हों में भी रोटी और खिलता हुआ कमल’ को शामिल किया गया था। यही कारण है की कमल को भारत का राष्ट्रीय फूल के रूप में अपनाया गया।

लेकिन कमल को राष्ट्रीय पुष्प कब घोषित किया गया इसका कोई इसका कोई अधिकारीक रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। इस कारण यह प्रश्न अभी निरुत्तर है। बच्चों अगर भारत के राष्ट्रीय फूल कमल पर निबंध पढ़ना चाहते है तो यह लेख आपको जरूर पसंद आयेगा।

भारतीय पासपोर्ट पर कमल के फूल को लेकर बिवाद – controversy on National flower of India

बचपन से ही हम पढ़ते और सुनते आए हैं की कमल भारत का राष्ट्रीय फूल है। लेकिन भारत का राष्ट्रीय फूल कमल उस वक्त बिवाद के घेरे में आया। जब भारतीय पासपोर्ट पर कमल के निशान होने पर कई राजनीतिक पार्टी ने आपत्ति उठायी।

क्योंकि कमल का फूल बीजेपी का जो भारत की बड़ी राजनीतिक पार्टी है उसका चुनाव चिन्ह है। इस कारण भारत का राष्ट्रीय फूल कमल को भगवाकरण से जोड़कर भी देखा गया।

भारतीय पासपोर्ट पर Kamal ka phool के निशान का मुद्दा लोकसभा में भी उठा। विदेश मंत्रालय ने इस पर सफाई दी और कहा भारत का राष्ट्रीय फूल कमल है।

पासपोर्ट पर कमल का निशान नए सुरक्षा फीचर्स के रूप में लगाया गया है। यह फीचर इंटरनेशन सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन के दिशा निर्देशों के तहद ही लाए गए हैं। हिन्दू समुदाय में आध्यात्मिक रूप में भी कमल का बिशेष स्थान प्राप्त है।

आज हम भारत का राष्ट्रीय फूल कमल शीर्षक के अंतर्गत, कमल का पौधा कहाँ और किस जलवायु में विकसित होता है। इसका का वैज्ञानिक नाम क्या है। हिन्दू धर्म में कमल (Lotus) का इतना ऊँचा स्थान क्यों प्राप्त है। तो आइए जानते है।

कमल के वैज्ञानिक नाम – scientific name of lotus flower

Kamal Ka Phool - National Flower Of India
Photo by Orkhan Farmanli on Unsplash

भारत का राष्ट्रीय फूल कमल का वैज्ञानिक नाम नील्यूम्बो न्यूसीफेरा गेरटन है। यह एक प्रकार का जलीय पौधा है। संस्कृत में इसे ’पद्म’ के नाम से जाना जाता है। यह निमफेआ प्रजाति का जलीय पौधा है जिसे फारसी में नीलोफर के नाम से जाना जाता है।

इसके अलावा Kamal ka phool के कई पर्यायवाची शब्द हैं। इसे पंकज, सरोज, जलज, नीरज, सरोज, कमल, वारिज,अंबुज,नलिन आदि अनेकों नामों से जाना जाता है। भारत का राष्ट्रीय फूल कमल( ‘लोटस’) को वॉटर लिली भी कहा जाता है।

कमल की उत्पत्ति – Lotus in Hindi

Kamal ka phool उथले शांत जल या कीचड़ में पनपता है। इसलिए इसे पंकज भी कहते है। पंकज पंक+ज से मिलकर बना है, जहॉं पंक का मतलव कीचड़ से है और ज से जन्म लेने वाला। अर्थात कीचड़ में जनम लेने बाला।

Kamal ka phool कीचड़ में जन्म लेने के बावजूद भी कीचड़ इस पर नहीं चिपकता है। क्योंकि कमल के फूल और उसके पत्ती के ऊपर एक चिकनी मोम की तरह परत होती है। जिससे पानी के बूंद भी इसके पत्ते पर नहीं टहरते है।

कमल तलाव, पोखर अथवा गड्ढे में जहॉं पानी कम गहरा और शांत होता है। उस जगह पर निकलता है। इसका फूल पानी के सतह के ऊपर आकार खिलता है। जिस कारण lotus गंदे पानी में पनपने के बावजूद भी अशुद्ध नहीं होता है।

कमल के पौधे की विशेषता – Importance of national flower of India in hindi

Kamal ka phool सफेद और लाल दो कलर में मुख्य रूप से पाया जाता है। जैसा की हम पढ चुके हैं की लोटस के पत्ते पानी के ऊपर आकर तैरते हैं। उसी पत्ते के इर्द गिर्द कमल का सुगंधित फूल खिलता है। lotus के तने लंबे, गोलाकार और हरे रंग के होते हैं।

जिनमें हवा के के लिए रंध्र बने होते हैं। जिसके कारण ये आसानी से पानी से सतह के ऊपर आकार तैरता है। कमल के फूल में अनेकों पंखुड़ियाँ एक समानुपातिक पैटर्न में दिखाई पड़ती है। फूल की पंखुड़ी बहुत ही नाजुक और नुकीली होती है।

Kamal ka phool प्रातःकल खिलता है। और शाम के ढलने के साथ ही इनकी पंखुड़ी बंद हो जाती है। जब सुवह के बक्त तलाव या पोखर में कमल खिलता है। तव चारों तरफ अद्भुत छटा नजर आता है। उस दौरान एक मनमोहक दृश्य दिखायी पड़ता है।

कमल (Lotus flower ) के लिए उपयुक्त जलवायु

National flower of India कमल का फूल (नेलुम्बो न्यूसीफेरा) पूर्वी एशिया का मूल किस्म है। Kamal ka phool भारत के आलवा दुनियाँ के कई देशों में पाया जाता है। अर्ध-उष्णकटिबंधीय जलवायु वाले क्षेत्र कमल के लिए बेहद ही अनुकूल होता है।

इस कारण ये इन क्षेत्रों में यह बहुतायत रूप में उपलब्ध होता है। यह भारत, नेपाल, म्यांमार और बांग्लादेश सहित कई अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में उगाया जाता है। इंडोनेशिया और मलेशिया में भी बहुतायत रूप में देखा जाता है।

इसके साथ यह अमेरिका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में भी पाया जाता है। Kamal ka phool साल के बारह महीने मिलते हैं। इसलिए lotus को बारहमासी फूल भी कहा जाता है।

कमल का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व

National flower of India कमल के फूल को हिन्दू धर्म में खास महत्व दिया गया है। इसे संस्कृत में ’पद्म’ के नाम से जाना जाता है। भारतीय दर्शन और अध्यात्म के साथ Kamal ka phool का गहरा नाता है। स्वामी विवेकानंद ने भी मुक्त कंठ से कमल की प्रशंसा किया है।

इसे हिंदू समुदाय में बहुत ही पावन माना गया है। हिन्दू समुदाय के कई देवता ब्रह्मा, सरस्वती और लक्ष्मी कमल फूल के आसान पर ही सदा विराजमान होते है। हिन्दू धर्म के पालनहार कहे जाने वाले भगवान विष्णु अपने एक हाथ में पदम अर्थात कमल धारण किए हुए दर्शाया जाता है।

इस तरह Kamal ka phool हिन्दू समुदाय के लिए विशेष महत्वपूर्ण स्थान रखता है। पुराणों में वर्णन मिलता है की ब्रह्मा जी की उत्पत्ति भगवान विष्णु के नाभि से निकले कमल से हुई है।

बौद्ध दर्शन में, कमल के फूल की तुलना आत्मा से की गयी है। जैसे गंदे पानी में पनप कर भी lotus  के फूल उन गंदगी से निश्चल रहता है। उसी तरह आत्मा भी कमल की तरह ही इस नश्वर संसार में निश्चल और पावन रहती है।

लक्ष्मी कमल का पौधा कैसे लगाएं

धर में लक्ष्मी कमल का पौधा लगाने से घर में शांति बनी रहती है। घर के अंदर सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है। घर में लक्ष्मी कमल का पौधा उत्तर पूर्व दिशा यानी कि ईशान कोण में ही लगाना चाहिए। यह दिशा लक्ष्मी कमल का पौधा लगाने के लिए उपयुक्त मानी गई है।

कमल के औषधीय गुण और उपयोग – Use of Lotus flower

Kamal Ka Phool - National Flower Of India
Photo by Jimin Wu on Unsplash

भारत का राष्ट्रीय फूल कमल का सौंदर्य के आलवा इसका औषधीय रूप में भी बड़ा महत्व है। इसके पंखुड़ी, तना, पत्ता और जड़ का किसी न किसी रूप में उपयोग किया जाता है। पुराने समय में इसके पते का उपयोग भोजन ग्रहण करने के लिए किया जाता था।

कमल (Lotus) के कंद जो जमीन में पाया जाता है। उस कंद से ही इसकी जड़ें छोटी और रेशेदार गुच्छों में निकलती है। इसके कंद को जमीन से निकलकर और पकाकर खाया जाता है। कमल के फल को भी खाने के कम में लाया जाता है। इसके बीच बीज कठोर और आकार में अंडाकार होते हैं।

इसके वीज का रंग गहरे भूरा होता है। कमल के बीज को सूखा कर पॉपकॉर्न की तरह भूनकर खाया भी जाता है। इसमें कई विटामिन और खनिज लवण प्रचुर मात्रा में पाये जाते है।

कुछ प्रमुख देशों के नेशनल फ्लॉवर

  • चीन का राष्ट्रीय फूल ( National flower of China ) – Plam blossom
  • जपान का राष्ट्रीय फूल ( National flower of Japan) – Cherry Blossom
  • ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय फूल (National flower of Australia) – Golden wattle
  • अमेरिका का राष्ट्रीय फूल (National flower of USA) – Rose

उपसंहार-Kamal ka phool in Hindi

भारत का राष्ट्रीय फूल कमल के साथ हमारे देश की सांस्कृतिक विरासद जुड़ी है। कमल का फूल(Kamal ka phool ) संदेश देता है की अगर हौसले बुलंद हों तो आस-पास का वाताबरण कलुषित होने के बावजूद नीचे और छोटा रहकर भी स्वामित्व संभव है। कमल इसी बात का प्रतीक है।

दूसरी तरफ कमल का फूल (Lotus flower) यह भी संदेश देता है की जैसे कीचड़ में पैदा होकर भी कमल अपने ऊपर कीचड़ को चिपकने नहीं देता। ठीक उसी तरह सदाचारी मनुष्य को कठिन परिस्थिति में भी बुराई को अपने ऊपर हावी नहीं होने देता।

बच्चों भारत का राष्ट्रीय फूल कमल से संबंधित जानकारी जरूर अच्छी लगी होगी अपने सुझाव से जरूर अवगत करायें। इन्हें भी पढे : भारत माता की जय नारे की शुरुआत कव से हुई

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