साहित्य अकादमी पुरस्कार विस्तृत जानकारी | Sahitya Akademi Award in Hindi (1954-2024)

By Amit
साहित्य अकादमी पुरस्कार विस्तृत जानकारी | Sahitya Akademi Award in Hindi (1954-2024)
साहित्य अकादमी पुरस्कार विस्तृत जानकारी | Sahitya Akademi Award in Hindi (1954-2024)

साहित्य अकादमी पुरस्कार (Sahitya Akademi Award in Hindi) भारत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कारों  में से एक है। यह ज्ञानपीठ पुरस्कार के बाद भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा साहित्यिक पुरस्कार माना जाता है।

Contents
साहित्य अकादमी पुरस्कार विस्तृत जानकारी (Sahitya Akademi Award in Hindi (1954-2024)साहित्य अकादमी पुरस्कार की स्थापना–पुरस्कार जीतने की पात्रता एवं शर्तें–साहित्य अकादमी पुरस्कार राशि–वार्षिक साहित्‍य अकादेमी पुरस्कार नियम–साहित्य अकादमी पुरस्कार-2023साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लिस्ट (1955-2023)साहित्य अकादमी पुरस्कार से जुड़ी कुछ रोचक बातें-F.A.Qsसाहित्य अकादमी पुरस्कार किस क्षेत्र में दिया जाता हैसाहित्य अकादमी पुरस्कार कितनी भाषाओं में दिया जाता हैसाहित्य अकादमी पुरस्कार की शुरुआत कब हुईसाहित्य अकादमी पुरस्कार कौन देता हैरघुवीर सहाय को उनकी किस कृति पर साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला थाभवानी प्रसाद मिश्र को किस कृति के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया ?हजारी प्रसाद द्विवेदी को किस रचना पर साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआकिस अभिनेता के भाई को तमस पुस्तक के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है।अंत में(Conclusion)–

इस पुरस्कार को भारत की 24 आधिकारिक भाषाओं में साहित्यिक उत्कृष्टता को पहचानने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार भारत की राष्ट्रीय साहित्य अकादमी द्वारा प्रतिवर्ष साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लेखकों को प्रदान किया जाता है। 

साहित्य अकादमी पुरस्कार को कथा, कविता, नाटक, साहित्यिक आलोचना और निबंध लेखन असाधारण कार्य करने वाले कवि और लेखकों को प्रदान किया जाता है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार विस्तृत जानकारी (Sahitya Akademi Award in Hindi (1954-2024)

पुरस्कार के नाम –साहित्य-अकादमी पुरस्कार
शुरुआत-1954
प्रथम अध्यक्ष पंडित जवाहर लाल नेहरू
हिन्दी के प्रथम प्राप्तकर्ता माखन लाल चतुर्वेदी
प्रदान की जाने वाली राशि –1 लाख
प्रायोजित-साहित्य अकादमी, भारत सरकार

साहित्य अकादमी पुरस्कार की स्थापना

यह पुरस्कार लेखकों को भारतीय साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान, उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार कि स्थापना 1954 में हुई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू थे।

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हिंदी साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए माखनलाल चतुर्वेदी को वर्ष 1955 में हिन्दी साहित्य का प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया था।

पुरस्कार जीतने की पात्रता एवं शर्तें

  • साहित्यकार के पास भारतीय राष्ट्रीयता होनी चाहिए।
  • लेखक की रचना कार्य भारत में प्रकाशित होना चाहिए।
  • लेखक का रचना कार्य पिछले 5 वर्षों के भीतर प्रकाशित होना चाहिए।
  • इस पुरस्कार के लिए चुनी गई कृतियों ने भाषा और साहित्य के अपने संबंधित क्षेत्रों के विकास में योगदान दिया होगा।
  • यदि कई पुस्तकों के बीच प्रतिस्पर्धा हो या उनमें समान गुण हों तो कुछ मानदंडों के आधार पर विजेता घोषित किया जाता है।
  • पुरस्कारों के चयन के लिए प्रत्येक भाषा के लिए तीन सदस्यों की जूरी बनाई जाती है। जुरी के सदस्य सर्वसम्मति से विजेताओं के नाम पर मुहर लगती है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार राशि

इस पुरस्कार के लिए विजेताओं का चयन साहित्य के क्षेत्र के प्रतिष्ठित विद्वानों और लेखकों के जूरी मंडल द्वारा किया जाता है। पहली बार जब 1955 में इस पुरस्कार की शुरुआत हुई थी।

तब इसकी स्थापना के समय पुरस्कार राशि पाँच हजार रुपए थी। वर्ष 1983 में इस राशि को ब़ढा कर दस हजार रुपए कर दी गई। इसके ठीक 5 साल बाद 1988 ईस्वी में इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दिया गया।

बर्ष 2001 में सरकार ने इस पुरस्कार राशि को 25 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपए कर दी। वर्तमान में इस पुरस्कार के अंतर्गत 1 लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं।

इसके अलावा इस पुरस्कार के तहद एक पदक, शॉल तथा प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये जाते हैं।

वार्षिक साहित्‍य अकादेमी पुरस्कार नियम

साहित्य अकादमी पुरस्कार-2023

वर्ष 2023 के लिए इस पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। जिसे 12 मार्च 2024 को प्रदान किया जायेगा।

साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लिस्ट (1955-2023)

साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता की सम्पूर्ण सूची के लिए क्लिक कर पढ़ें

साहित्य अकादमी पुरस्कार से जुड़ी कुछ रोचक बातें-

  • भारत के इस पुरस्कार की शुरुआत सन 1954 में हुई थी।
  • इस पुरस्कार के प्रथम अध्यक्ष पंडित जवाहर लाल नेहरू थे।
  • माखनलाल चतुर्वेदी जी इस पुरस्कार पाने वाले पहले हिंदी कवि हैं।
  • इस पुरस्कार से सम्मानित होने वाली प्रथम भारतीय महिला अमृता प्रीतम है।
  • यह पुरस्कार साहित्य अकादमी द्वारा प्रतिवर्ष एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाता है।
  • पुरस्कार भारतीय संविधान की अनुसूची 8 में सूचीबद्ध 22 अनुसूचित भाषाओं के अलावा अंग्रेजी और राजस्थानी में भी दिया जाता है।
  • पुरस्कार विजेता को इसमें एक उत्कीर्ण तांबे की प्लेट, एक शॉल और 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
  • पुरस्कार का उद्देश्य भारतीय भाषाओं में लेखन कार्य को पहचानना और बढ़ावा देना तथा साहित्य में उनके योगदान को और समृद्ध करना है।
  • सुमित्रानंदन पंत को साहित्य अकादमी पुरस्कार उनकी प्रसिद्ध कृति “कला और बूढ़ा चाँद” पर मिला था।

F.A.Qs

साहित्य अकादमी पुरस्कार किस क्षेत्र में दिया जाता है

ज्ञानपीठ पुरस्कार के बाद देश का दूसरा सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार है को भारतीय भाषाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार कितनी भाषाओं में दिया जाता है

भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष यह पुरस्कार भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 अनुसूचित भाषाओं के अलावा अंग्रेज़ी तथा राजस्थानी भाषा में प्रदान किया जाता है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार की शुरुआत कब हुई

इस पुरस्कार की शुरुआत 1954 में हुआ था।

साहित्य अकादमी पुरस्कार कौन देता है

भारतीय भाषाओं के साहित्य के क्षेत्र में यह पुरस्कार हर साल साहित्य अकादमी, नई दिल्ली द्वारा प्रदान किया जाता है।

रघुवीर सहाय को उनकी किस कृति पर साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था

रघुवीर सहाय रचनावली छह खंडों में प्रकाशित हुई थी। उनकी प्रसिद्ध रचना “लोग भूल गए हैं” काव्य संग्रह के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

भवानी प्रसाद मिश्र को किस कृति के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया ?

“बुनी हुई रस्सी” के लिए उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

हजारी प्रसाद द्विवेदी को किस रचना पर साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ

उनके प्रसिद्ध निबंध संग्रह आलोक पर्व के लिए

किस अभिनेता के भाई को तमस पुस्तक के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है।

अभिनेता बलराज साहनी के भाई भीष्म साहनी को तमस पुस्तक के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

अंत में(Conclusion)

साहित्य अकादमी पुरस्कार भारत में साहित्यिक उत्कृष्टता के लिए मान्यता और प्रशंसा का प्रतीक है। यह पुरस्कार असल मे लेखकों को अपनी प्रतिभा दिखाने और भारतीय साहित्य के विकास में योगदान देने के लिए एक मंच प्रदान करता है।

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