भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है, वेतन, योग्यता,

Rashtrapati ka chunav kaun karta hai – हम सब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के चुनाव को बारें में तो जानते हैं की जिस पार्टी को सरकार बनाने का बहुतमत प्राप्त होता है। उस पार्टी के द्वारा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पद के लिए चयन कर लिया जाता है।

लेकिन हमलोगों में से अधिकतर लोग राष्ट्रपति के चुनाव के बारें में अच्छी तरह से नहीं जानते हैं। उन्हें वस लगता है की जिस उम्मीदवार को ज्यादा वोट प्राप्त होगा वह राष्ट्रपति बन जाएगा। लेकिन यह सब इतनी आसानी से नहीं हो जाता है।

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है यह लेख इसी बात पर केंद्रित है। क्योंकि राष्ट्रपति के चुनाव में लोग डायरेक्ट वोट नहीं देते हैं। राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया थोड़ा अलग है जो एक बहुत ही बढ़िया संवैधानिक तरीके से किया जाता है।

भारत में होने वाले राष्ट्रपति के चुनाव के तरीके को कई देशों के अच्छे तरीके का कॉमबीनेशन कहा जा सकता है। राष्ट्रपति के चुनाव में जनता सीधे अपना वोट नहीं डालती है। बल्कि राष्ट्रपति के चुनाव में जनता के द्वारा चुने गए सभी पार्टी के विजयी उम्मीदवार भाग लेते हैं।

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है | BHARAT MEIN RASHTRAPATI KA CHUNAV KAUN KARTA HAI
भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है – BHARAT MEIN RASHTRAPATI KA CHUNAV KAUN KARTA HAI

अगर आप जानना चाहते हैं की भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है, भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है, भारत के राष्ट्रपति चुनाव में मतदान कौन कर सकते है, भारत के राष्ट्रपति का वेतन कितना है।

भारत के राष्ट्रपति बनने की न्यूनतम आयु और पात्रता क्या होनी चाहिये तो यह लेख आपको पूरा पढ़ना चाहिये। इस लेख में इन सभी बातों को उत्तर आपको मिल सकता है। इन सबसे पहले थोड़ा भारत के राष्ट्रपति के बारें में संक्षेप में जानते हैं।

भारत के राष्ट्रपति के बारें में – Bharat Mein Rashtrapati Ka Chunav Kaun Karta Hai

भारत का राष्ट्रपति देश की सशस्त्र सेनाओं का सर्वोच्च सेनानायक भी है। साथ ही इस लेख में जानेंगे की लगातार दूसरे कार्यकाल तक भारत के कौन से राष्ट्रपति रहे। भारत के भारत के राष्ट्रपति के पद पर आसीन होने वाली पहली महिला कौन हैं।

भारत के संबिधान के अनुच्छेद 53 के आधार पर संघ की सभी कार्यपालक शक्ति राष्ट्रपति में निहित हैं। भारत के राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बगैर भारत में कोई भी कानून लागू नहीं किया जा सकता है।

संघ के सभी कार्यपालक फैसले और कार्य उनके नाम से ही किये जाते हैं। भारत के राष्ट्रपति का निवास स्थल रायसीना हिल्स पर बने राष्ट्रपति भवन कहलाता है। अब हम आगे जाननें की भारत की राष्ट्रपति होने के लिए पात्रता क्या होती है।

भारत के राष्ट्रपति की योग्यता Brief Information About President Of India In Hindi

हमारे संविधान के अनुच्छेद 58 के अंतर्गत राष्ट्रपति के चुनाव के लिए उमीदवार की आवश्यक योग्यता का वर्णन है। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में पर्चा भड़ने के लिए न्यूनतम 2500 रुपये की राशि जमा करने का नियम है।

इसके साथ ही नामांकन पत्र का प्रस्ताव को कम-से कम 50 मतदाता द्वारा  पारित और समर्थन किया जाना आवश्यक है। भारत के राष्ट्रपति बनने के लिए निम्नलिखित शर्त लागू हैं जो इस प्रकार हैं।

  • भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के लिए भारत की नागरिकता जरूरी है।
  • उनकी आयु 35 वर्ष से कम नहीं होना चाहिए।
  • लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने का पात्र हो।
  • भारत सरकार और राज्य सरकार में किसी लाभ के पद पर न हो

ऊपर हमने राष्ट्रपति के योग्यता, राष्ट्रपति बनने की लिए न्यूनतम उम्र सीमा आदि के बारे में जाना अव हम भारत के राष्ट्रपति का चुनाव की पद्धति के बारें में जानते हैं।

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है – bharat mein rashtrapati ka chunav kaun karta hai

हमारे संबिधान में भारत के राष्ट्रपति का चुनाव की निर्वाचन पद्धति अनुच्छेद 54 में दिया गया है। जैसा का हम जानते हैं की राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मण्डल के द्वारा होता है। भारत में जनता राष्ट्रपति क चुनाव प्रत्यक्ष रूप से नहीं करती है।

बल्कि उनके द्वारा चुने गये प्रतिनिधि के द्वार राष्ट्रपति का चुनाव होता है। राष्ट्रपति का निर्वाचन 5 साल के लिए होता है। लेकिन उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए भी चुना जा सकता है। राष्ट्रपति की चुनाव निवर्तमान राष्ट्रपति के कार्यकाल के खत्म होने के पहले ही कराया जाता है।

राष्ट्रपति के अनुपस्थित में या राष्ट्रपति की आकस्मिक निधन हो जाने पर उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति का कार्यभाल संभालना होता है। अगर उस दौरन उपराष्ट्रपति का पद रिक्त हो तो सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधिस राष्ट्रपति के कार्यभाल को देखते है।

हमारे संविधान में ऐसा प्रावधान है की राष्ट्रपति के पद को 6 महीने से ज्यादा समय तक खाली नहीं रखा जा सकता। 6 महीने के अंदर ही राष्ट्रपति का निर्वाचन जरूरी है।

भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में कौन-कौन भाग लेता है

जैसा का हम पढ चुके हैं की भारत में राष्ट्रपति का चुनाव समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से होता है। इस चुनाव में जनता सीधे रूप में भाग नहीं लेती है।

इस चुनाव में लोकसभा, राज्यसभा, प्रदेशो की विधानसभा और केंद्र शासित प्रदेश के विधान सभा के निर्वाचित सदस्य भाग लेने के पात्र हैं। भारत के राष्ट्रपति को जनता सीधे रूप में नहीं चुनती है।

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है – rashtrapati ka chunav kaun karta hai in hindi

हमारा देश भारत दुनियाँ का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहाँ पर भारत के संबिधान के प्रावधानों के अनुसार हर 5 साल में राष्ट्रपति का चुनाव होता है। भारत में जनता अपने राष्ट्रपति को सीधे चुनाव नहीं करती।

बल्कि यहाँ राष्ट्रपति का चुनाव एक इलेकटोरल कॉलेज के द्वारा होता है। इस कारण से इसे अप्रत्यक्ष निर्वाचन भी कहा जाता है। राष्ट्रपति का निर्वाचन के दौरान इलेक्टोरल कॉलेज के सदस्य हो वोट डाल सकते हैं।

इसमें सिर्फ लोकसभा के सांसद, राज्यसभा के सांसद और सभी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। राष्ट्रपति के चुनाव के दौरान एक अलग तरह की चुनाव पद्धति अपनाई जाती है।

जिसे आनुपातिक प्रतिनिधित्व एकल संक्रमनीय मत पद्धति अथवा सिंगल ट्रांसफ़रेबल वोट सिस्टम भी कहा जाता है। इसमें सदस्य के मतों का मूल्य अलग-अलग आँका जाता है। जैसे की इसमें लोकसभा तथा राज्यसभा के सदस्य का के वोट का मूल्य एक होता है।

जबकि विधानसभा के सदस्यों का का वोट का मूल्य राज्य की जनसंख्या के आधार पर निर्धारित की जाती है। साथ ही विधायक जिस राज्य से है उस राज्य की विधानसभा की कुल सीट की संख्या भी देखी जाती है।

राष्ट्रपति चुनाव में इन सदस्यों के के द्वारा डाले गए वोटों की गणना के आधार पर जो उम्मीदवार अधिक वोट हासिल करता है वही देश का महामहिम चुना जाता है। इस प्रकार भारत में राष्ट्रपति का चुनाव किया जाता है।

भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में कौन भाग नहीं लेता है

इसमें विधान परिषद्, लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा नामित सदस्य भाग नहीं ले सकते।

राष्ट्रपति को शपथ कौन दिलाता है ?

भारत के राष्ट्रपति को पद एवं गोपनीयता की शपथ  उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायधीश द्वारा दिलाई जाती है। हमारे देश में सारे काम प्रधानमंत्री द्वारा देखा जाता है। तो फिर भारत में राष्ट्रपति की भूमिका क्या है।

इसे इस प्रकार समझना पड़ेगा। भारत में राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री के कार्य क्षेत्र अलग-अलग हैं। राष्ट्रपति के हाथों में सम्पूर्ण कार्यपालिका की शक्तियां निहित होती है। राष्ट्रपति कभी भी इसका इस्तेमाल कर सकता है।

राष्ट्रपति देश के तीनों सेना का कमांडर होता है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बिना कोई भी विधेयक पास नहीं हो सकता। इसके अलावा राष्ट्रपति के पास अनेकों शक्तियां प्राप्त हैं। जिसे समय आने पर राष्ट्रपति उसका उपयोग कर सकता है।

राष्ट्रपति के कार्य एवं शक्तियां – Know Powers Of President Of India In Hindi

भारत के राष्ट्रपति को हमारे संविधान के अनुसार अनेक शक्तियों और अधिकार प्रदान किया गया है। इन शक्तियों में कार्यपालिका शक्तियों, सैनिक शक्तियों, राजनयिक शक्तियों, विधायी शक्तियों, वित्तीय शक्तियों और न्यायिक शक्तियों शामिल हैं।

भारत के संविधान द्वारा राष्ट्रपति को विशेषाधिकार प्राप्त है। वह अपने पद के किसी कर्तव्य के निर्वहन तथा शक्तियों के प्रयोग में किए जाने वाले किसी भी कार्य के लिए न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं होगा।

इन्हें भी पढ़ें – भारत के राष्ट्रपति की 10 प्रमुख शक्तियों के बारें में विस्तृत जानकारी

भारत के राष्ट्रपति का वेतन – About Salary Of President Of India In Hindi

राष्ट्रपति का वेतन व भत्ता संसद द्वारा निर्धारित की जाती है। वर्तमान में भारत के राष्ट्रपति वेतन प्रतिमाह 5 लाख रुपये निर्धारित किया गया है।  इस वेतन के अंतर्गत भत्ते और दूसरे व्यय को सम्मिलित नहीं किया गया है।

भत्ते उन्हें अलग से प्रदान किए जाने का प्रावधान है। ऊपर हमने जाना की Bharat mein Rashtrapati ka chunav kaun karta hai. अब हम जानेंगे की राष्ट्रपति को पद से किस प्रकार हटाया जा सकता है।

राष्ट्रपति को पद से कैसे हटाया जा सकता है?

भारत के राष्ट्रपति को उनके पद से महाभियोग के द्वारा हटाया जा सकता है। इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा में सदस्य को चौदह दिन का नोटिस देने का समय सीमा तय है।

राष्ट्रपति को अपने पद से हटाने के लिए कम से कम एक चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर ज़रूरी हैं। पहले सदन में उस पर चर्चा होती है। अगर दो-तिहाई सदस्य सहमत हुआ तो उसे राजसभा में भेजा जाएगा।

अगर दो-तिहाई मत से राजसभा में भी पास हो जाता है तो राष्ट्रपति को पदचयूत माना जाएगा। इस प्रकार भारत के संबिधान में राष्ट्रपति को पद से हटाये जाने का प्रावधान है।

भारत का राष्ट्रपति अपना त्याग पत्र किसको देता है?

भारत के राष्ट्रपति द्वारा अपना त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को सौंपते हैं।

भारत में अगला राष्ट्रपति चुनाव कब होगा

भारत में वर्तमान राष्ट्रपति का का कार्यकाल जुलाई 2022 में समाप्त हो रहा है। पिछले कई दशकों से हर पाँच साल बाद जुलाई में ही नए राष्ट्रपति शपथ लेते हैं।

इन्हें भी पढे – 1947 से 2022 तक भारत के सभी राष्ट्रपतियों की सूची और उसका कार्यकाल

भारत में चुनाव का संचालन कौन करता है?

भारत में चुनाव का संचालन स्वतंत्र रूप से भारत का निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है।

भारत के राष्ट्रपति का वेतन कितना होता है। (bharat ke rashtrapati ka vetan kitna hai?)

वर्तमान में भारत के राष्ट्रपति का वेतन रु. 5 लाख रुपिया प्रतिमाह निर्धारित है। इसके अलावा राष्ट्रपति को कई अन्य सुविधायें और भत्ते का प्रावधान है।

राष्ट्रपति के कार्य क्या है?

राष्ट्रपति के अनेकों कार्य संबिधान में वर्णित हैं। प्रधान मंत्री, उपराष्ट्रपति, चीफ जस्टिस, तीनों सेना के प्रमुख की नियुक्ति राष्ट्रपति की जिम्मेदारी होती है। साथ ही इन्हें कई तरह की शक्तियां प्राप्त हैं।

राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष होता है या अप्रत्यक्ष

भारत में जनता अपने वोट के द्वारा राष्ट्रपति का चुनाव सीधे नहीं करती। बल्कि भारत मे राष्ट्रपति का चुनाव एक इलेकटोरल कॉलेज के द्वारा किया जाता है। इस कारण से इसे अप्रत्यक्ष निर्वाचन भी कहा जाता है।

प्रश्नभारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे। – First President Of India In Hindi

उत्तर – भारत के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद थे। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। भारत के आजादी के लड़ाई में उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया। वे लगातार दो कार्यकाल तक भारत के राष्ट्रपति रहे।

प्रश्न – भारत में अब तक के मुस्लिम राष्ट्रपति के नाम कौन हैं? उत्तर – इस लिस्ट में जाकिर हुसैन, फ़ख़रुद्दीन अली अहमद और ए पी जे अब्दुल कलाम के नाम शामिल हैं। साथ ही मुहम्मद हिदायतुल्लाह को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने का मौका प्राप्त है।

प्रश्न – भारत में चुनाव कौन करवाता है?
उत्तर – हमारे देश भारत में चुनाव कराने की जिम्मेदारी भारत के चुनाव आयोग के पास है। चुनाव आयोग देश में चुनाव का आयोजन भारतीय संविधान के अंतर्गत बने नियमों के तहत कराता है।

प्रश्न – राष्ट्रपति का वार्षिक पेंशन कितना है? उत्तर – पेंशन के तौर पर पूर्व राष्ट्रपति 1.5 लाख रुपए प्रति महीना प्रदान किए जाते हैं। इसके अलावा भी कई और भी भत्ते प्रदान किए जाते हैं।

प्रश्न – राष्ट्रपति का पद कहाँ से लिया?
उत्तर – भारत में राष्ट्रपति का पद भारत के संबिधान के अनुछेद में वर्णित है। हमारे संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति का पद ब्रिटेन के संविधान से अपनाया गया है।

प्रश्न – राष्ट्रपति का निर्वाचन किस देश से लिया गया है? उत्तर – भारत में राष्ट्रपति का निर्वाचन का तरीका आयरलेन्ड से लिया गया है।

हमें आशा है की भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है (BHARAT MEIN RASHTRAPATI KA CHUNAV KAUN KARTA HAI) शीर्षक वाले इस लेख से आपके सभी प्रश्न का उत्तर मिल गया होगा।

बाहरी कड़ियाँ (External links)

भारत के राष्ट्रपति के बारें में विशेष जानकारी

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