अहमदाबाद का इतिहास और विरासत – History of Ahmedabad in Hindi

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अहमदाबाद के इतिहास पर नजर डालें तो, यह गुजरात के सबसे समृद्ध और प्राचीन अधोगिक नगर में से एक है। गुजरात का शहर एक सांस्कृतिक और समृद्ध विरासत वाला शहर है। कपड़ों की बुनाई और व्यपार केंद्र के रूप में यह शहर प्राचीन काल से प्रसिद्ध रहा है।

भारत के इस प्रसिद्ध शहर अहमदाबाद को भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है। असल में मैनचेस्टर इंग्लैंड में स्थित एक शहर का नाम है जो कपड़ों के उत्पादन में विश्व प्रसिद्ध है। उसी तरह गुजरात का शहर अहमदाबाद भी सूती वस्त्रों के उत्पादन में भारत में अग्रणी है।

इसी कारण से गुजरात के आधोगिक शहर अहमदाबाद को Bharat ka manchester कहा जाता है। आईए इस लेख में अहमदाबाद का इतिहास (History of Ahmedabad in Hindi) संक्षेप में जानते हैं।

अहमदाबाद का प्राचीन इतिहास – ahmedabad old name

गुजरात का प्राचीन नाम कर्णावती था। गुजरात के इस इतिहासिक नगर को बसाने का श्रेय राजा कर्णदेव को जाता है। जिन्होंने इस शहर को ग्यारहवीं शताब्दी के आसपास बसाया था। उसके नाम पर ही इस नगर को पहले कर्णावती के नाम से जाना जाता था।

अहमदाबाद का इतिहास | HISTORY OF AHMEDABAD IN HINDI

चालुक्‍य वंश के शासक कर्णदेव ने इस स्थल को अशवाल के भील शासक को युद्ध में पराजित कर अपने कब्जे में लिया था। उसके बाद उन्होंने इस शहर को कर्णावती के नाम से साबरमती नदी के किनारे बसाया और अपनी राजधानी बनाया।

इतिहासकार के अनुसार पंद्रहवीं सदी के आसपास गुजरात में मुस्लिम मुज़फ्फरिद राजवंश का शासन हुआ। इसी राजवंश के सुल्तान अहमद शाह ने 1411 में कर्णावती पर हमलाकर अपने कब्जे में ले लिया।

तब उन्होंने कर्णावती का नाम बदलकर अपने नाम पर इस शहर का नाम अहमदाबाद रखा। उन्होंने अहमदाबाद को अपनी राजधानी बनायी। इतिहासकारों के अनुसार इस अहमदाबाद करीव डेढ़ सौ साल तक इस राजवंश की राजधानी रही।

लेकिन जब सन 1411 में इस राज्य पर सुल्तान अहमदशाह ने हमला कर अपने कब्जा में ले लिया। उसके बाद से इसका अहमदाबाद के रूप में एक नया नाम मिला।

कहा जाता है की एक बार जब सुल्तान अहमदशाह की नजर साबरमती के किनारे स्थित मनोरम स्थल कर्णावती पर पड़ी। तब वे इस स्थल की मनोरम सुंदरता से मंत्र मुग्ध हो गये। फलतः उन्होंने कर्णावती के ऊपर चढ़ाई कर अपने कब्जे मे ले लिया।

सुल्तान अहमदशाह के नाम पर ही इस शहर का नाम अहमदाबाद पड़ा। इसी के पास उन्होंने भाद्रा किले का निर्माण किया। इस इतिहासिक धरोहर को आज भी देखा जा सकता है।

मुगल सम्राट का अहमदाबाद के इतिहास में योगदान

सन 1572 ई. में महान मुगल सम्राट अकबर ने वहाँ के तत्कालीन शासक को हराकर अहमदाबाद पर कब्जा कर लिया। आज भी अहमदाबाद में मुगलकाल के भबनों के अवशेष देखे जा सकते हैं।

गुजरात विजय के यादगार में ही अकबर ने आगरा से करीब 40 कीलोमीटर दूर फतेहपुर सीकरी में विश्व का सबसे बड़ा दरवाजा बुलंद दरवाजा का निर्माण कराया था।

मुगल के बाद आगे चलकर इस शहर को अंग्रेजों नें अपने कब्जे में ले लिया और इसे अपना व्यपरिक केंद्र बना लिया। कहते हैं की उसी जमाने से ही यह शहर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

अहमदाबाद शहर की जानकारी – information about ahmedabad city in hindi

साबरमती के तट पर अवस्थित अहमदाबाद कुछ साल पहले तक गुजरात की राजधानी थी। लेकिन अब गाँधीनगर को गुजरात की राजधानी बनाया गया। अहमदाबाद शहर 6585 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।

अहमदाबाद शहर की चौहद्दी की बात करें तो इसके उत्तर दिशा में महेसाणा, साबरकांठा और गांधीनगर, पूर्व में खेड़ा, दक्षिण में खंभात और पश्विम में सुरेन्द्रनगर जिला अवस्थित है।

स्वतंत्रता संग्राम से भी जुड़ा है इसका इतिहास

इस शहर का इतिहास महात्मा गांधी और स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़ा हुआ है। अहमदाबाद में गांधी जी ने साबरमती नदी के किनारे अपने आश्रम की स्थापना की। जो साबरमती आश्रम के नाम से प्रसिद्ध है। भारत की आजादी से संबंधित कई आंदोलन का अहमदाबाद साक्षी रहा है।

UNESCO के वर्ल्ड हेरिटेज सिटी में शामिल

अहमदाबाद के समृद्ध इतिहास को देखते हुए UNESCO ने इसे विश्व विरासत (वर्ल्ड हेरिटेज सिटी) के रूप में अपने सूची में सम्मिलित किया है। साबरमती नदी के किनारे वसा भारत का पहला शहर अहमदाबाद है जिसे यह सम्मान प्राप्त हुआ।

अहमदाबाद का नया नाम पर बिचार

अहमदाबाद में साबरमती नदी बहती है। यह राज्य की प्रमुख नदियां में एक है। साबरमती नदी के किनारे वसा यह शहर अपनी सुंदरता के लिए जगजाहिर है। शाम के बक्त साबरमती के किनारे लगी रंग विरंगी लाइट अहमदाबाद की सुंदरता को दोगुना कर देती है।

अहमदाबाद का नया नाम पर विचार चल रहा है। जैसा की जानते हैं की सन 1411 ईस्वी में मुस्लिम शासक सुल्तान अहमद शाह ने कर्णावती का नाम बदल कर अपने नाम पर अहमदाबाद रखा और अपनी राजधानी बनायी।

मीडिया में आई खबरों के अनुसार लोगों के मांग को देखते हुए अहमदाबाद का फिर से नाम बदलकर कर्णावती हो सकता है।

अहमदाबाद भारत दर्शनीय स्थल

साबरमती के किनारे स्थित अहमदाबाद में तो कई दर्शनीय स्थल हैं लेकिन यहाँ की ऐतिहासिक इमारतें विशेष रूप से पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करती है। अहमदाबाद गुजरात का एक historic city है।

यहाँ के प्रसिद्ध स्थल में अहमदशाह द्वारा निर्मित जामा मस्जिद, सैयद मस्जिद, कुतुबुद्दीन द्वारा निर्मित कांकरिया झील प्रसिद्ध हैं। इसके साथ ही सफेद संगमरमर से निर्मित जैन मंदिर अपने अनुपम वास्तुकला से पर्यटकों मन मोह लेते हैं।

अहमदाबाद का इतिहास | HISTORY OF AHMEDABAD IN HINDI
अहमदाबाद का कोटेश्वर मंदिर

अहमदाबाद के अन्य दर्शनीय स्थलों में कोटेश्वर मंदिर, मछलीघर, चिड़ियाघर, बालवाटिका, साबरमती नदी के किनारे स्थित गांधी आश्रम है। मंदिर इस स्थान पर जाने के लिए अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से सवारी हमेशा उपलब्ध रहती है।

अहमदाबाद में कितने दरवाजे हैं?

अहमदाबाद किसी किले का नाम नहीं है। फलतः इसके दरवाजे के बारें में प्रश्न नहीं बनता।

अहमदाबाद का नाम कैसे पड़ा?

यह शहर राजा कर्णदेव के नाम पर कर्णावती था। लेकिन जब सुल्तान अहमदशाह ने इसे अपने कब्जे में ले लिया तब इसका नाम बदलकर अहमदाबाद कर दिया गया।

अहमदाबाद में कितने जिले हैं?

अहमदाबाद भारत के किसी राज्य का नाम नहीं है। बल्कि यह गुजरात का खुद एक जिला है। अहमदाबाद की गिनती गुजरात के सबसे बड़े जिले के रूप में की जाती है।

अहमदाबाद में क्या प्रसिद्ध है?

अहमदाबाद अपने समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और उद्योग धंधे के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है। अहमदाबाद की प्रसिद्ध वस्तु में यहाँ के किले, मंदिर और गांधीजी का आश्रम देखने योग्य है।

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बाहरी कड़ियाँ (External lindk)

अहमदाबाद के इतिहास और विकिपीडिया (ahmedabad wikipedia)

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