भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत में क्या अंतर है | rashtragan aur rashtreey geet mein antar

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भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत में क्या अंतर है – rashtragan aur rashtreey geet mein antar

भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत में क्या अंतर है, भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में क्या अंतर है, Rashtragan aur rashtreey geet mein antar, Difference between National Song and anthem in Hindi, ‘राष्ट्रगीत’ और ‘राष्ट्रगान’ में क्या अंतर है, इस लेख के द्वारा जानते हैं।

हम देश भारत में कई अवसर पर राष्ट्रगीत’ और ‘राष्ट्रगान’ का गायन किया जाता है। लेकिन बहुत ही कम लोग इसमें अंतर बता पाते हैं। किसी भी देश का गान उस देश की पहचान होती है। भारत का ‘राष्ट्रगान’ हो अथवा ‘राष्ट्रगीत’ दोनों भारत की विरासत है।

भारत की आजादी की लड़ाई के समय से ही दोनों भारत की पहचान बन चुकी है। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनो ने आजादी की लड़ाई के दौरान देशबासी के बीच देश के प्रति समर्पण के लिए प्रेरित किया। दोनों से राष्ट्रभक्ति की भावना की अभिव्यक्ति होती है। दोनों को लेकर देश प्रेमी के दिल में समभाव ही रहता है।

लेकिन बहुत से लोग राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में अंतर ठीक से नहीं जानते। तो चलिए जानते हैं आखिर भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में क्या है अंतर : –

भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत में क्या अंतर है
भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत में क्या अंतर है

राष्ट्रगीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान में अंतर

राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान में क्या अंतर है आईये समझते हैं। राष्ट्रगान को किसी खास अवसर पर एक विशेष नियम का पालन करते हुए गाया जाता है। राष्ट्रगान के गायन के समय प्रत्येक नागरिक का ये कर्तव्य होता है कि की वे इसके सम्मान में अपने जगह पर खड़ा हो जाए।

साथ ही उपस्थित सभी नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे भी राष्ट्रगान को दोहराएं। लेकिन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर कोई खास नियम या कानून नहीं है, इसे कही भी कैसे भी गाया जा सकता है। राष्ट्रगान का उस देश की सभी राष्ट्रीय महत्व के अवसरों पर गाना अनिवार्य होता है।

जबकि राष्ट्र गीत हर उस अवसर पर गाना अनिवार्य नहीं है। वहीं राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता’ को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है। लेकिन वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गीत (National Song ) का दर्जा प्राप्त है। राष्ट्रगान गाने के नियम को पालन करना अनिवार्य है। राष्ट्रगान के नियम के पालन नहीं करने पर सजा का प्रावधान हो सकता है।

राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के रचयिता

राष्ट्रगान राष्ट्रगीत के रचीयता की बात करें तो राष्ट्रगान रबीन्द्र नाथ टैगोर ने लिखा जबकि राष्ट्रगीत के रचीयता बंकिम चंद्र चटर्जी हैं। राष्ट्रगान के आलावा राष्ट्रगीत में भी कई मौको पर गाया जाता है।

इन्हें भी पढ़ें : भारत की राष्ट्रीय पति के पास कौन कौन से शक्तियां होती है।

राष्ट्रगान क्या है

भारत का राष्ट्रगान का गायन कई विशेष अवसरों पर किया है। राष्ट्रगान की रचना भारत के नॉवेल पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध कवि रविंद्रनाथ टैगोर ने की थी। उन्होंने इसे मूल रूप से बांग्ला भाषा में लिखा था जिसे बाद में अन्य भाषाओं में अनुवाद हुआ।

राष्ट्रगान को सबसे पहले कांग्रेस के कलकता अधिवेशन में 27 दिसंबर गाया गया था। बाद में 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा द्वारा सर्वसम्मति से इसे राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर लिया गया। राष्ट्रगान के पूरे संस्करण को गाने के लिए कुल 52 सेकेंड निर्धारित होते हैं।

जन गण मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्य विधाता।

पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा
द्रविड़ उत्कल बंग।
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंग।

तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशीष मागे।

गाहे तव जयगाथा।

जन गण मंगलदायक जय हे
भारत भाग्य विधाता।

जय हे, जय हे, जय हे

जय जय जय जय हे॥

भारत के राष्ट्रगान

राष्ट्र्रगान से जुड़ी कुछ रोचक और ज्ञान वर्धक तथ्य जिसे हर देशवासी को जानना जरूरी है

  • भारत के राष्ट्र्रगान ‘जन गण मन’ को सबसे पहले 1911 में कोलकाता के कांग्रेस अधिवेशन में गाया गया था।
  • राष्ट्रगान को पूरा गाने में 52 सेकेंड का समय निर्धारित है।
  • भारत के राष्ट्रगान को रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। यह उनकी प्रसिद्ध कृति गीतांजलि से ली गई है।
  • राष्ट्रगान को गाते समय हर देशवासी का कर्तव्य है कि सावधान की अवस्था में खड़े होकर सम्मान देना चाहिए।
  • राष्ट्रगान से सम्बद्ध नियमों का पालन न करने पर सजा का प्रावधान है। नियम के उलँघन पर जेल और जुर्माने अथवा दोनों हो सकता है।

भारत का राष्ट्रीय गीत क्या है

‘वंदे मातरम्’ को भारत के राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त है। हालांकि राष्ट्रीय गान के चयन सूची में इसका नाम भी शामिल था। लेकिन बाद में यह राष्ट्रगान के दौर से बाहर हो गया और इसे राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त हुआ। 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रगीत के रूप में संवैधानिक रूप से स्वीकार किया गया।

भारत का राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ बंगाली भाषा के उपन्यास आनंदमठ से लिया गया है। इसके रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इसे 1882 में संस्कृत और बांग्ला मिश्रित भाषा लिखा था। राष्ट्रगीत को प्रथम बार 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेसन में गाया गया था।

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!

सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्,

शस्यश्यामलाम्, मातरम्!

वंदे मातरम्!

शुभ्रज्योत्सनाम् पुलकितयामिनीम्,

फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,

सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,

सुखदाम् वरदाम्, मातरम्!

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥

भारत के राष्ट्रगीत

राष्ट्रगान में कितने राज्यों के नाम है?

राष्ट्रगान के इस पंक्ति के द्वारा राज्यों के नाम जाने जा सकते हैं। पंजाब-सिन्धु-गुजरात-मराठा द्राविड़-उत्कल-बंग विंध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग तब शुभ नामे जागे, तब शुभ आशिष मांगे, गाहे तब जय-गाथा। जन-गण-मंगलदायक जय हे भारत भाग्य बिधाता। जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे॥

राष्ट्रगान में कितनी नदियां हैं?

भारत के राष्ट्रगान में यमुना एवं गंगा का जिक्र आता है साथ ही इसमें सागर का भी जिक्र मिलता है।

सबसे बड़ा राष्ट्रगान किस देश का है?

सबसे लंबा राष्ट्रगान की बात की जाय तो वह ग्रीस देश का है। ग्रीस के राष्ट्रगान 158 स्टेन्जा का है।

संबंधित खोज

बाहरी कड़ियाँ (External links)

भारत के राष्ट्रगान के संबंध में आदेश

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