Narendra Karmakar in Hindi – नरेंद्र कृष्ण कर्मकार की जीवनी

गणितज्ञ नरेन्द्र कृष्ण करमाकर (Mathematician Narendra Krishna Karmakar) का गणित के क्षेत्र में अमूल्य योगदान माना जाता है। इन्हें गणित के जटिल एलगोरिथम ‘कर्मकार एलगोरिथम‘ (Karmarkar’s algorithm )के लिए याद किया जाता है।

इन्होंने बहुत ही कम उम्र में इस एलगोरिथम का आविष्कार कर दुनियाँ को आश्चर्य चकित कर दिया था। कहते हैं की गणित का ज्ञान देकर नरेन्द्र करमरकर जीत लिए दुनियाँ का दिल। जिस बक्त इन्होंने इस एलगोरिथम का आविष्कार किया।

उस बक्त नरेन्द्र कृष्ण करमरकर की आयु महज 28 वर्ष की थी। उन्हें कंप्युटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में दक्षता हासिल थी। नरेंद्र कृष्ण कर्मकार हमेशा जटिल गणितीय समस्याओं को सुलझाने पर शोध करते रहते थे।

उससे पहले जटिल गणितीय समस्याओं को सुलझाने में जो एलगोरिथम प्रयोग में लाया जाता था। वे उतने उपयोगी नहीं थे और काफी धीमे होने के वजह से बक्त काफी लगता था।

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Narendra Karmakar in Hindi - नरेंद्र कृष्ण कर्मकार की जीवनी
Narendra Karmakar in Hindi – नरेंद्र कृष्ण कर्मकार की जीवनी

नरेन्द्र करमरकर ने अमेरिका में अपने शोध के द्वारा ऐसी एलगोरिथम का आविष्कार किया जो बहुत ही उपयोगी साबित हुई। क्योंकि यह प्रचलित एलगोरिथम की अपेक्षा 100 गुना तक तीव्र था।

इस एलगोरिथम के विकसित करने के बाद उनका नाम समूचे विश्व मे फैल गया। उनका नाम ISI के उच्च उद्धृत शोधकर्ता के रूप में सूचीबद्ध है।

गणितज्ञ नरेन्द्र करमाकर का संक्षिप्त परिचय (A brief Narendra Krishna Karmakar in Hindi

पूरा नाम नरेंद्र कृष्ण कर्मकार (NarendraKrishna Karmakar)
प्रसिद्धि गणितज्ञ के रूप में (Mathematician)
जन्म तिथि 15 नवंबर 1955,
जन्म स्थान ग्वालियर, मध्यप्रदेश, भारत
खोज कर्माकर के एल्गोरिथ्म

नरेन्द्र करमाकर की जीवनी – Biography of Narendra Karmakar in Hindi

प्रारंभिक जीवन नरेंद्र कृष्ण कर्मकार की जीवनी

गणितज्ञ नरेंद्र कृष्ण कर्मकार का जन्म 15 नवंबर 1957 में भारत के ग्वालियर में हुआ था। नरेंद्र कृष्ण कर्मकार एक मध्यम वर्गीय मराठी परिवार में पैदा हुए थे। बचपन से नरेंद्र कृष्ण कर्मकार पढ़ने में बहुत ही तेज थे।

पढ़ाई के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय प्रतिभा छात्रवृत्ति भी हासिल की। बचपन से गणित के प्रति उनकी गहरी रुचि थी। उन्होंने अपने प्रारम्भिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में पूरा करने के बाद मुंबई आ गये।

उन्हें ही मुंबई के आईआईटी संस्थान से उन्होंने सन 1978 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल कि।

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कैरियर – Narendra karmarkar career in Hindi

उसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका के कैलिफोर्निया चले गये। वहाँ पर वे सन 1978 से 1983 तक रहे। इन्होंने सन 1979 में प्रसिद्ध कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले से कंप्यूटर साइंस में एम.एस. किया।

इस दौरान प्रोफेसर रिचर्ड एम कार्प के सनिध्यय में कार्य करते हुए इन्होंने सन 1983 में कंप्युटर साइंस में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने अमेरिका के न्यू जर्सी मे बेल लेबोरेटरीज में भी अपना योगदान दिया।

खोज – कर्मकार का एल्गोरिथ्म (Karmarkar Algorithm)

बेल लेबोरेटरीज में ही अपने अनुसंधान के दौरान उन्हें ‘कर्मकार एलगोरिथम‘ के आविष्कार में सफलता मिली। उन्होंने रैखिक प्रोग्रामिंग के लिए सबसे पहले बहुपद समय के एल्गोरिदम (polynomial time algorithms )में से एक का आविष्कार किया।  

जिसे आमतौर पर एक आंतरिक बिंदु विधि(interior point method ) के रूप में संदर्भित किया जाता है। उनका यह शोध परिणाम सन 1984 में प्रकासित हुआ।

इंटीरियर पॉइंट मेथड(Interior Point Method) पर काम करने के बाद उन्होंने प्रोजेक्टिव ज्योमेट्री की अवधारणाओं के आधार पर सुपरकंप्यूटिंग के लिए भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया।

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कार्य व उपलब्धि

नरेंद्र कृष्ण कर्मकार सन 2006-07 के दौरान टाटा समूह में वैज्ञानिक सलाहकार के पद पर रहे। इस दौरान  उन्हें रतन टाटा द्वारा TIFR में तैयार किए गए सुपरकंप्यूटर को स्केल-अप करने के लिए वित्त पोषित किया गया।

सम्मान और पुरस्कार

इन्हें अब तक कई सम्मान और पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

  • सन 1978 में उन्हें I.I.T. Bombay में President of India gold medal प्राप्ति हुआ।
  • सन 1985 में उन्हें मार्कोनी इंटरनेशनल यंग साइंटिस्ट अवार्ड से अलंकृत किया गया।
  • सन 1987 में अमेरिका के बेल लेबोरेटरीज के द्वारा उन्हें अपना फैलो(सदस्य) चुना गया।
  • सन 1987 में इन्हें टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स फाउंडर्स पुरस्क मिला।
  • सन 1988 में अमेरिकन गणित सोसायटी फुलकर्सन पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • सन 1993 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय द्वारा इन्हें प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार दिया गया।
  • सन 1996 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे द्वारा उन्हें प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • सन 1999 में भारत सरकार ने उन्हें श्रीनिवास रामानुजन जन्म शताब्दी  पुरस्कार से सम्मानित किया।
  • इसके अलाबा भी उन्हें और भी कई सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हुए।

F.A.Q

  1. नरेन्द्र करमरकर क्यों प्रसिद्ध हैं।

    भारतीय गणितज्ञ नरेंद्र करमाकर (Karmarkar’s algorithm) के लिए प्रसिद्ध हैं।

  2. नरेंद्र कृष्ण करमाकर का जन्म कहाँ हुआ था?

    ‘कर्मकार एलगोरिथम‘ (Karmarkar’s algorithm ) के आविष्कारक नरेंद्र करमाकर का जन्म 15 नवंबर 1957 में भारत के ग्वालियर में हुआ था

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