CO2 लेजर के आविष्कारक चंद्र कुमार नारनभाई पटेल की जीवनी
चंद्र कुमार नारनभाई पटेल (C. KUMAR N. PATEL) को CO2 लेजर के आविष्कारक माना जाता है। भारत के प्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक के रूप में उनका नाम प्रसिद्ध है। उन्हें अणु लेजरों खासकर कार्बनडाइआक्साइड लेसर पर शोध के लिए जाना जाता है।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर C. KUMAR N. PATEL को कार्बन डाइऑक्साइड लेजर (Carbon dioxide laser) का आविष्कारक माना जाता है।उन्होंने सन 1965 ईस्वी में इस लेजर का आविष्कार किया था।
वर्तमान में कार्बनडाइआक्साइड लेसर का उपयोग कई कामों में होता है। अनुसंधानों और उद्योगों में आज कार्बनडाइआक्साइड लेसर का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है।
इसके अलाबा CO2 लेजर मशीन का उपयोग काटने के कामों में के साथ-साथ बिल्डिंग और सर्जरी में भी किया जाता है। उनका जन्म भारत में हुआ था लेकिन बाद में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता भी ले रखी है।
वे लॉस एंजिल्स अमेरिका में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के भौतिकी विज्ञान के प्रोफेसर हैं। सफलता के उच्च शिखर पर पहुँचने के बाद भी उनमें अहम नाम की चीज नहीं थी। आइये चंद्र कुमार नारनभाई पटेल की जीवनी के बारें में विस्तार से बताया गया है।
चंद्र कुमार नारनभाई पटेल का जीवन परिचय संक्षेप में
पूरा नाम | चंद्र कुमार नारनभाई पटेल |
जन्म दिवस | 02 जुलाई 1938 |
जन्म स्थान | बारामती, पुणे, भारत |
योगदान | CO2 लेजर की खोज |
चंद्र कुमार नारनभाई पटेल की जीवनी (Chandra Kumar Naranbhai Patel Biography in Hindi)
कार्बन डाइऑक्साइड लेसर के आविष्कारक चंद्र कुमार नारनभाई पटेल का जन्म 2 जुलाई सन 1938 ईस्वी में पूना के निकट बारामती में हुआ था। बचपन से सी.के.एन. पटेल पढ़ने लिखने में बहुत ही तेज दिमाग के थे।
घर में कोई चीज विगड़ जाय तो वे अपने कोशिस से उन्हें ठीक कर डालते। चंद्र कुमार नारनभाई की प्रारम्भिक शिक्षा घर के पास वाले स्कूल में हुई। शुरू से ही उनकी रुचि भौतिक विज्ञान के प्रति थी।
उनके पिता सरकारी सेवा में एक सिविल इंजीनियर के पद पर थे और उनकी माँ एक गृहिणी थीं। तीन भाई बहन उनसे बड़ा एक भाई और एक छोटी बहन है। उनके बड़े भाई के डॉक्टर और उनकी बहन एक स्कूल में विज्ञान की शिक्षिका थी।
फलतः हाईस्कूल तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद उनका दाखिला पुणे के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में हो गई। इंजीनियरिंग कॉलेज में उन्होंने टेलिकम्यूनिकेशन के क्षेत्र में अध्ययन किया।
कैरियर (C. Kumar Patel)
उन्होंने 1958 में पुणे के एक कॉलेज से टेलिकम्यूनिकेशन में बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की। उसके बाद नारनभाई पटेल उच्च शिक्षा की प्राप्ति हेतु अमेरिका चले गए।
अमेरिका में उन्होंने इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 1959 में मास्टर की डिग्री प्राप्त की। तत्पश्चात वे अनुसंधान में लग गया और 1961 में उन्होंने अनुसंधान कर पी-एच.डी. की डिग्री हासिल किया।
(CO2) लेजर का आविष्कार
पी-एच.डी. प्राप्त करने के बाद उन्होंने बेल लैबोरेटरी अमेरिका में सेवा देना प्रारंभ किया। बाद में वे बेल लैबोरेटरी के डायरेक्टर भी बने। वे दिन रात अपने अनुसंधान में लगे रहते।
इस प्रकार उन्होंने नॉनलाइनियर ऑप्टिक्स, गैस लेजर, आणविक स्पेक्ट्रोस्कोपी, लेजर सर्जरी आदि क्षेत्रों में कई अहम खोज किये।
फलतः उन्होंने सन् 1963 में कार्बनडाइआक्साइड लेसर(CO2 लेजर ) का आविष्कार किया। कार्बन डाइऑक्साइड लेसर के अविष्कारक के कारण सम्पूर्ण जगत में इनका नाम प्रसिद्ध हो गया।
अपने करियर में उन्होंने बेल लैबोरेटरी के डायरेक्टर बने। उसके बाद 1993 से लेकर 1999 ईस्वी तक अमेरिका के लॉस एंजलिस में कैलिफोर्निया विश्वविध्यालय के vice chancellor नियुक्त किये गये।
कार्बनडाइआक्साइड लेसर का उपयोग
आज इनके द्वारा अविस्कार किये गये लेसर को अनेक उद्योगों में कई महत्वपूर्ण कार्यों में प्रयोग किया जाता है। वर्तमान में इनके द्वारा खोज किये गए कार्बनडाइआक्साइड लेसर को और भी अधिक शक्तिशाली बनाया जा चुका है।
कार्बनडाइआक्साइड लेसरों से धातुओं में छेद करना, धातुओं को काटने और जोड़ने में मदद मिलती है। इस लेसरों को उपयोग शल्य चिकित्सा में भी ऊँचे पैमाने पर किया जाता है। वर्तमान में सीओ 2 लेजर (CO2 laser) से उच्चतम लेजर ट्रीटमेंट है।
इस उपयोग से त्वचा के और चिकना दिखता है क्योंकि लेजर त्वचा के निचले (lower dermis) में उपलबद्ध कोलेजन बैंड (collagen bands) को कम करने में मदद करता है।
यह झुर्री, चेहरे के निशान और नाक पर बढ़ी हुई तेल ग्रंथियों (wrinkles, scars and enlarged oil glands ) की उपस्थिति को भी कम करता है। आने वाले समय में इसका प्रयोग त्वचा के कैंसर (skin cancer) के उपचार में किया जा सकता है।
सम्मान व पुरस्कार (C. Kumar N. Patel in Hindi)
साइंस में सी.के.एन. पटेल के अमूल्य योगदान के लिए उन्हें कई सम्मान व पुरस्कार से नवाजा गया। अमरीकी नेशनल एकेडेमी ऑफ साइंस द्वारा सन् 1974 ईस्वी में उन्हें अपना फैलो(सदस्य) चुना गया।
उन्हें IEEE मेडल ऑफ ऑनर, ज़ोरकिन पुरस्कार, वेलनटाइन मैडल, लामे मैडल से भी सम्मानित किया गया। सन 2018 ईस्वी में उन्हें अमेरिकी लेसर क्लब के सदस्य बनाकर सम्मानित किया गया।
F.A.Q
चंद्र कुमार नारनभाई पटेल कौन हैं।
वे एक जाने माने भौतिक विज्ञानी हैं। जिन्हें CO2 लेजर के अविस्कार के लिए जाना जाता है।
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