जनरल बिपिन रावत का जीवन परिचय – General Bipin Rawat Biography in Hindi

जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat ) भारत के तीनों सेनाओं के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के पद पर तैनात थे। इससे पहले 2016 में भारत सरकार ने थल सेना में उनके योगदान को देखते  हुए उन्हें आर्मी चीफ बनाया था।  

जनरल रावत ने इस बात को सत्य कर दिखाया की फौजी और उनका रैंक कभी रिटाइर नहीं होता।

31 दिसंबर 2019 को आर्मी चीफ से सेवनिवृति के बाद उन्हें भारत का  प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होने का गौरव प्राप्त हुआ। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए कई बड़े फैसले लिए।

चाहे कश्मीर में सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक की बात हो या म्यांमार में आतंकी संगठन के टिकाने की ढेर करने की बात। इसके पीछे जनरल बिपिन रावत का दिमाग माना जाता है।

जनरल बिपिन रावत का जीवन परिचय - BIPIN RAWAT BIOGRAPHY IN HINDI
जनरल बिपिन रावत का जीवन परिचय – BIPIN RAWAT BIOGRAPHY IN HINDI

8 दिसम्बर 2021 को बुधबार के दिन जब जनरल रावत अपने पत्नी सहित वायुसेना का एमआई-17 हेलिकॉप्टर से बिलिंगटन के उड़ान भरी। तब उनका हेलिकॉप्टर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में कुन्नूर के पास दुर्घटनाग्रस्त ग्रस्त हो गया।

इस दुर्घटना में भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) और उनकी पत्नी मधुलिका सहित 13 अन्य लोगों का निधन हो गया।

उनकी आकस्मिक निधन से हमारे देश ने एक महान सपूत खो दिया है।

जनराज बिपिन रावत की अंतिम यात्रा latest news

इस लेख में हम भारत माँ के इस वीर सपूत जनरल बिपिन रावत का जीवन परिचय संक्षेप में जानेंगे।

देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत की जीवनी – Biography of Bipin rawat in Hindi

जन्म व प्रारंभिक जीवन

जनरल बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च 1958 भारत के उत्तराखंड राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था। चौहान राजपूत परिवार में जन्में जनरल बिपिन रावत के पिता का नाम लक्ष्मण सिंह था। उनकी मां परमार क्षत्र‍िय वंश से आती थीं।

उनकी पिता लक्ष्मण सिंह भी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल थे। इस प्रकार उनका पूरा बचपन सैनिक परिवेश के बीच बीता। जनरल बिपिन रावत की प्रारंभिक शिक्षा देहरादून के कैंबरीन हॉल स्कूल से हुई।

उसके बाद उन्होंने  शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में शिक्षा ग्रहण की। भारतीय सैन्य अकादमी में उन्हें ‘सोर्ड ऑफ़ ऑनर’ प्रदान किया गया।

इसके अलावा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से रक्षा एवं प्रबन्ध अध्ययन में और मद्रास विश्वविद्यालय से स्ट्रैटेजिक और डिफेंस स्टडीज में उन्होंने एम फिल किया।

उन्हें 2011 में सैन्य-मीडिया सामरिक अध्ययनों पर अनुसंधान के लिए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। उन्होंने अमेरिकी सेना कमान और जनरल स्टाफ कॉलेज (ILE) से भी सैन्य शिक्षा प्राप्त की।

जनरल बिपिन रावत का कैरियर

बिपिन रावत का भारतीय सशस्त्र बलों के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एक रूप में देश की तीनों सेनाओं में बेहतर ताल मेल स्थापित किया।

जनरल बिपिन रावत का आर्मी में एक जांवज अफसर के रूप में शानदार सफर रहा। अपने काबिलियत के वल पर वे देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस (CDS)तक पहुंचे

जनरल बिपिन रावत ने अपनी कैरियर की शरूयात 16 दिसंबर 1978 को बतौर सेकंड लेफ्टिनेंट से की थी। उनकी पहली तैनाती मिजोरम में ग्यारहवीं गोरखा राइफल की पांचवी बटालियन में हुई थी।

उन्होंने अपने कैरियर के दौरान कांगो में संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना की भी अगुवाई की। उसके बाद वे प्रमोट होते हुए 01 सितंबर 2016 को आर्मी के उप-प्रमुख के पद पर पहुचें।

 31 दिसंबर 2019 को जनरल दलबीर सिंह सुहाग की सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने 27वें चीफ और आर्मी स्टाफ के पद को संभाला। इस पद पर रहते हुए उन्होंने देश की सुरक्षा के दायित्व का भली भांति निर्वहन किया।

इन्ही के नेतृत्व में भारतीय सेना में दो पड़ोसी देश में जाकर सर्जिकल स्ट्राइक द्वारा आतंकी ठिकाने को नष्ट किया। जनरल रावत को सन 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक की योजना का भी हिस्सा माना जाता है।

जिसमें भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकी ठिकाने को नष्ट किया था। उस दौरान जनरल रावत नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में बैठकर सर्जिकल स्ट्राइक की घटनाक्रम की निगरानी कर रहे थे।

आर्मी चीफ के पद से सेवानिवृत्ति के बाद भारत सरकार ने उन्हें देश का पहला रक्षा प्रमुख अर्थात चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया। 01 जनवरी 2020 से इस पद पर रहते हुए उन्होंने अंत तक देश की सेवा की।

पारिवारिक जीवन – CDS Bipin Rawat Biography in hindi

जनरल बिपिन रावत की पत्नी का नाम मधुलिका रावत है। उन्हें दो बेटियों हैं जिसमें से एक का नाम कृतिका रावत है।

सीडीएस जनरल बिपिन रावत के पदोन्नति पर एक नजर

  • 16 दिसंबर 1978 – सेकंड लेफ्टिनेंट
  • 16 दिसंबर 1980 – लेफ्टिनेंट
  • 31 जुलाई 1984 – कैप्‍टन
  • 16 दिसंबर 1989 – मेजर
  • 01 जून 1998 – लेफ्टिनेंट कर्नल
  • 01 अगस्त 2003 – कर्नल
  • 01 अक्टूबर 2007 – ब्रिगेडियर
  • 20 अक्टूबर 2011 – मेजर जनरल
  • 01 जून 2014 – लेफ्टिनेंट जनरल
  • 0 1 जनवरी 2017 – जनरल (आर्मी चीफ)
  • 31 दिसंबर 2019 – (CDS बने )

सीडीएस जनरल बिपिन रावत के सम्मान व पुरस्कार

देश के सैन्य सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अनेकों सम्मान और पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

  • विशिष्ट सेवा मेडल,
  • अति विशिष्ट सेवा मेडल
  • परम विशिष्ट सेवा मेडल
  • उत्तम युद्ध सेवा मेडल
  • युद्ध सेवा पदक
  • सेना पदक
  • ऑपरेशन पराक्रम मेडल
  • सैन्य सेवा मेडल
  • ऑपरेशन विजय मेडल
  • उच्च ऊंचाई सेवा पदक
  • विदेश सेवा मेडल
  • 9 साल लंबी सेवा पदक
  • 20 साल लंबी सेवा पदक
  • 30 साल लंबी सेवा पदक
  • स्वतंत्रता पदक, भारत की आजादी की 50वीं वर्षगांठ पर, इसके अलावा भी उन्हें कई और सम्मान और पुरस्कार से अलंकृत किया गया।

जनरल बिपिन रावत का निधन

भारत के वीर सपूत जनरल बिपिन रावत का 8 दिसम्बर 2021 को तमिलनाडु में कुन्नूर के पास हवाई दुर्घटना में निधन हो गया। कहा जाता है की भारतीय वायुसेना का एमआई -17 हेलीकॉप्टर सुलुर से उड़ान भरने के बाद तमिलनाडु में कुन्नूर के पास दुर्घटना का शिकार हो गया।

किसी ने सच ही कहा है क्या भरोसा है इस जिंदगी का, शायद किसी ने भी नहीं सोचा होगा की सुलुर से उड़ान भरने के बाद जनरल रावत का आखरी सफर होगा।

इस दुर्घटना में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत सहित 14 लोगों की मौत हो गई। भारत ने अपना एक महान देशभक्त और वीर सपूत खो दिया।

जनरल बिपिन रावत द्वारा 63 साल के जीवनकाल  में देश के दिए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रधान मंत्री और गृह मंत्री ने उनके आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की।

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जनरल बिपिन रावत कौन थे?

जनरल बिपिन रावत भूतपूर्व आर्मी चीफ और वर्तमान में देश के प्रथम CDS थे।

जनरल बिपिन रावत का जन्म कहाँ हुआ था।

उत्तराखंड राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था

जनरल बिपिन रावत की मौत कैसे हुई?

जनरल बिपिन रावत की मौत एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हुई।

बिपिन रावत का निधन कब हुआ ?

जनरल बिपिन रावत का निधन 08 दिसंबर 1921 को तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में कुन्नूर का पास हेलिकॉप्टर हादसे में हुआ।

सेना में cDS का क्या रोल होता है?

CDS का फूल फोरम चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ होता है। CDS का कम युद्ध के समय तीनों सेना में बेहतर ताल मेल बैठना होता है। जनरल बिपिन रावत भारतीय सेना के पहले CDS थे।

देश के महान सपूत को ‘जनरल बिपिन रावत का जीवन परिचय ( BIPIN RAWAT BIOGRAPHY IN HINDI) के इस लेख के माध्यम से सलाम।

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