भारत के खूबसूरत राज्य मेघालय के बारें में सम्पूर्ण जानकारी | Information about Meghalaya in Hindi

Information about Meghalaya in Hindi
Information about Meghalaya in Hindi

भारत के खूबसूरत राज्य मेघालय को मेघों का घर कहा जाता है। मेघालय ( Meghalaya state of India) भारत का एक बहुत ही खूबसूरत राज्य है। अपने खूबसूरती के अनुरूप ही इसका नाम भी बड़ा ही सुंदर है।

Contents
मेघालय राज्य की जानकारी – Information about Meghalaya in Hindiमेघालय राज्य का संछिप्त परिचयमेघालय का इतिहास – History of Meghalaya in Hindiमेघालय का प्राचीन इतिहासमेघालय राज्य गठन का इतिहास – Meghalaya information in Hindiमेघालय की राजधानी – capital of Meghalaya in Hindiमेघालय के जिले की जानकारी – how many districts are there in meghalayaमेघालय की विशेषता मेघालय का भूगोलजलवायुमेघालय की मुख्य फसल – agriculture in meghalayaमेघालय की भाषा (Meghalaya ki bhasha) – Meghalaya language in Hindiमेघालय का नृत्य – Meghalaya dance in Hindiमेघालय की कला और संस्कृति (Meghalaya ki sanskriti in Hindi)मेघालय की वेशभूषामेघालय का रहन सहन व खान पानमेघालय के प्रमुख शहरमेघालय के पर्यटक स्थल (Meghalaya Tourist Places)मेघालय के बारें में रोचक जानकारीमेघालय के प्रसिद्ध स्मारकमेघालय कैसे पहुचें (how to reach Meghalaya )मेघालय के त्योहारअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (F. A. Q.)मेघालय की मुख्य नदियां कौन सी हैं ?मेघालय राज्य में प्रमुख व्यवसाय क्या है?मेघालय को मेघों का घर क्यों कहा जाता है?मेघालय क्यों प्रसिद्ध है?मेघालय का नाम मेघालय क्यों पड़ा?मेघालय की राजधानी क्या है? (meghalaya ki rajdhani kaun si hai)

मेघालय राज्य की जानकारीInformation about Meghalaya in Hindi

मेघालय संस्कृत के दो शब्द ‘मेघ + आलय’ के मेल से बना है। जिसका मतलब होता है मेघों का घर अथवा ‘बादलों का निवास स्थान। मेघालय शब्द मेघालय शब्द गढ़ने का श्रेय किसे दिया जाता है पता नहीं। लेकिन मेघालय राज्य का खूबसूरत नामकरण का श्रेय पद्म भूषण प्रो. शिबा प्रसाद चटर्जी को जाता है।

डॉ एस पी चटर्जी कोलकत्ता विश्वविधालय में भूगोल के परोफसर थे। कहा जाता है भारत के पूर्वोत्तर के इस छोटे से राज्य का दौरा करने वालों को पता होगा कि यह अपने नाम की तरह ही कितना खूबसूरत परदेश है।

इस राज्य का गठन असम के दो जिलों संयुक्त खासी और जयंतिया हिल्स को मिलाकर 1972 में हुआ था। आज मेघालय भारत के पूर्वोत्तर के seven sister राज्यों में प्रमुख है।

- Advertisement -
मेघालय राज्य की जानकारी | INFORMATION ABOUT MEGHALAYA IN HINDI
मेघालय का प्रतीकात्मक नक्शा (Map of Meghalaya)

यहाँ की मनोरम पहाड़ी, दूर तक फैले हरीभरी घास के मैदान, सुंदर घाटियों और झड़ने इसकी सुंदरता में चार चाँद लगाते हैं। मेघालय की प्राकृतिक छटा अत्यंत ही मनमोहक और अतिदर्शनीय है।

प्रकृति के अनुपम खूबसूरती से परिपूर्ण मेघालय में जाकर पर्यटको स्वर्ग की अनुभुति प्राप्त कर सकते हैं। मेघालय में कई पर्यटक स्थल हैं जो सैलानियों के मुख्य आकर्षण का केंद्र है। भारत के कोने-कोने से पर्यटक इस राज्य में भ्रमण करने आते हैं।

मेघालय कई दुर्लभ वनस्पति और जीव-जन्तु के लिए भी प्रसिद्ध है। इस लेख में मेघालय का इतिहास, भूगोल, राज्य की स्थापना की कहानी, मेघालय के प्रमुख पर्यटन स्थल, मेघालय का रहन सहन का वर्णन है।

इसके अलावा इसमें मेघालय की वेशभूषा, संस्कृति, प्रमुख जन जातियां, यहाँ के लोगों के द्वारा मनाये जाने वाले उत्सव के बारें में भी रोचक जानकारी प्रदान करने की कोशिस की गई है।

मेघालय राज्य का संछिप्त परिचय

मेघालय के बारे में जानकारी (Meghalaya ke bare mein in hindi
1.राज्य का नाम– मेघालय
2.मेघालय की राजधानी– शिलांग
3.स्थापना दिवस– 2 अप्रैल, 1970
4.मेघालय का क्षेत्रफल
(area of meghalaya)
– 22 429 वर्ग किमी.
5.राजकीय पशु (State Animal)– चितकबरा तेंदुआ
6.राजकीय पक्षी (State Bird)– पहाडी मैना
7.राजकीय पुष्प (State flower)– लेडी स्लिपर आर्किड
8.राजकीय पेड (State Tree) – गमरी
9.मेघालय के प्रथम राज्यपाल– ब्रज कुमार नेहरू (Braj Kumar Nehru)
10.मेघालय के प्रथम मुख्यमंत्री– विलियमसन ए. संगमा (Williamson A. Sangma)
11.मेघालय में कुल जिले की संख्या – 11
12.राज्य में लोकसभा की कुल सीटें – 02
13.राज्य में राज्‍यसभा की कुल सीटें – 01
14.विधानसभा की कुल सीटें – 60
15.मेघालय की मुख्य भाषा– खासी, गारो

मेघालय का इतिहास – History of Meghalaya in Hindi

भारत के पूर्वोत्तर में सात राज्य स्थति हैं। पूर्वोत्तर के इन राज्यों को ‘सेवन सिस्टर्स’ के नाम से पुकारा जाता है। मेघालय भी इन्हीं सेवन सिस्टर्स’ का अंग है। मेघालय अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड की तरह ही पहले संयुक्त असम का हिस्सा था।

भारत की आजादी के कई दशक बाद तक यह असम राज्य का ही हिस्सा बना रहा। लेकिन 60 के दशक में राज्यों के पुनर्गठन किया गया। बात है वर्ष 1972 की जब मेघालय राज्य का गठन किया गया।

असम राज्य से दो पहाड़ी जिलों ‘संयुक्त खासी और जयंतिया हिल्स, और गारो हिल्स को मिलाकर एक किया गया।

इस प्रकार मेघालय राज्य की 21 जनवरी 1972 को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। शिलांग को मेघालय की राजधानी बनाया गया। भारत का यह राज्य अपने स्थापना के बाद पर्यटन उद्धोग के साथ कई क्षेत्रों में प्रगति की है।

भारत के इस पहाड़ी राज्य में प्रमुख रूप से ईसाई समुदाय के लोग रहते है। अंग्रेजों के आने से पहले इस पहाड़ी स्थलों में अधिकतर स्थानीय लोग जनजातीय धर्मों का पालन करते थे। मेघालय में मुख्य रूप से तीन जनजातियाँ रहती हैं।

जिसमें गारों, खासी और जयंतिया जनजातियों प्रमुख मानी जाती हैं। जब 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ।

इन्हें भी पढ़ेंसिक्किम का इतिहास और भारत में विलय की कहानी

मेघालय का प्राचीन इतिहास

मेघालय के ख़ासी, जयंतिया और गारो जनजाति के बारें में कई किंवदंतियाँ प्रचलित है। खासी के बारें में कहा जाता है की यह बर्मा (म्यांमार) के रास्ते असम में आकार बसे से। इतिहासकार एलन विल्सन के अनुसार ख़ासी लोग प्राचीन समय से ही अधिक शक्तिशाली थे।

खासी का मतलब “सात झोपडियां है। इस जनजाति के लोगों की भाषा खासी है। प्राचीन समय में इनका साम्राज्य असम के कामरूप और नगांव जिलों तक फैला था। अब गारो जनजाति की बात करते हैं। इस जनजाति के इतिहास उतना स्पष्ट नहीं है।

कुछ विद्वानों के अनुसार ‘गारो’ तिब्बत से आकार यहाँ बसे था। इसके साथ ही यहाँ रहने वाले जयंतिया जनजाति को इतिहासकार ऑस्ट्रिक प्रजाति से जोड़कर देखते हैं।

वे संभवतः तिब्बत-चीन से भोजन तथा आश्रय के तलाश में इस भू-भाग में आकार बस गये। अंग्रेजों के आगमन के बाद इन सभी जनजातियों के लिए कई राजनैतिक सुधार किए गए।

मेघालय राज्य गठन का इतिहास – Meghalaya information in Hindi

आजादी के बाद यहाँ के लोगों ने असम से पृथक राज्य की मांग की। उनके प्रस्ताव को पहले सरकार ने खारिज कर दिया। लेकिन सन 1972 में भारत सरकार ने इसे पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया।

गारो हिल्स, जयंतिया हिल्स और संयुक्त ख़ासी को भारतीय संविधान की छठी अनुसूची में सम्मिलित किया गया। इसके अलावा इन पहाड़ियों के विकास के लिए तीन स्वायत्त जिला परिषद की भी स्थापना की गई।

मेघालय की राजधानी – capital of Meghalaya in Hindi

भारत के पूर्वोत्तर राज्य Meghalaya Ki Rajdhani ‘शिलॉग’ है जिसकी प्राकृतिक सुंदरता अनुपम है। यहाँ के लोगों के लंबे समय से मांग के बाद जब इस राज्य का गठन हुआ। जब मेघालय की राजधानी शिलांग बनाई गई।

शिलांग अंग्रेजों के समय से ही बहुत ही सुरम्य आकर्षण का शहर था। ब्रिटिश अधिकारियों इसे ‘पूर्व का स्कॉटलैंड’ उपनाम से संबोधित करते थे।

मेघालय के जिले की जानकारी – how many districts are there in meghalaya

मेघालय राज्य के गठन के बाद इसमें 11 जिले बनाये गए। मेघालय का सर्वाधिक साक्षर जिला कौन सा है ? इसका उत्तर ईस्ट खासी हिल्स है क्योंकि इस जिले के 84% आबादी शिक्षित है। मेघालय के 11 जिलों के नाम हैं :-

पूर्व गारो हिल्स, पश्चिम गारो हिल्स, उत्तर गारो हिल्स, दक्षिण गारो हिल्स, दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स, पूर्व जयंतिया हिल्स, पश्चिम जयंतिया,  पूर्वी खासी हिल्स, दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स, री भोई और पश्चिम खासी हिल्स। 

2011 की जनगणना के अनुसार मेघालय राज्य का जनसंख्या घनत्व 132 लोग प्रति वर्ग़ किलोमीटर है।

मेघालय की विशेषता 

मेघालय भारत के राज्यों में एक खास विशेषता रखता है। जहाँ भारत के अन्य सभी राज्य पुरुष प्रधान हैं। वहीं मेघालय महिला प्रधान राज्य है। मेघालय में महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।

क्योंकि मेघालय में सदियों से मातृवंशीय समाज की परंपरा चली आ रही है। यहाँ के जनजातियों में भी मातृवंशीय प्रकृति देखने को मिलती है। यहाँ लोगों के मरने के बाद उनके अचल संपत्ति का अधिकारी महिला होती है।

मेघालय मे मातृवंशीय समाज होने के कारण यहाँ लिंगानुपात भी भारत के अन्य राज्यों से बेहतर है। परिवार में बेटियों के स्वास्थ और शिक्षा का विशेष रूप से ख्याल रखा जाता है।

भारत के इस राज्य में होम-मिनस्ट्रिी (गृह प्रबन्ध) महिलाओं के द्वारा संचालित होता है। यहाँ की महिलायें घर और बाहर दोनों जिम्मेदारी को भलीभांति निभाती हैं।

मेघालय का भूगोल

मेघालय की क्षेत्रफल की बात करें तो यह 22,429 वर्ग किमी. में फैला हुआ है। प्राकृतिक सम्पदा से समृद्ध भारत का यह राज्य समुन्द्र तल से लगभग 1200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

Information about Meghalaya in Hindi
अनुपम प्राकृतिक छटा वाला राज्य मेघालय

भारत के सुंदर पहाड़ी राज्य मेघालय के उत्तर में असम और दक्षिण में बांग्लादेश स्थित है। मेघालय के करीब एक तिहाई भाग में जंगल है। मेघालय के जंगल कई प्रकार के जीव जंतुओं के कारण जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है।

विद्वानों का मानना है मेघालय खनिज सम्पदा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।। यहाँ जिप्सम और कोयले का भी अपार भंडार स्थित है।

जलवायु

मेघालय की जलवायु समशीतोष्ण है। यहाँ न अधिक उष्णता होती है और ना ही अधिक शीत। मेघालय मे औसतन वार्षिक वर्षा लगभग 1200 से.मी. तक होती है। भारत का यह राज्य सबसे ‘नम’ राज्य कहा जाता है।

शिलांग के दक्षिण में चेरापूंजी और ‘मावसिनराम’ में सर्वाधिक बरसात का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। क्षेत्रफल के हिसाब से देखें तो इस क्षेत्र के करीब तिहाई हिस्सा वनों से ढ़का हुआ है।

यहाँ पहाड़ियां जिसमे गारो, खासी और जयंतिया का नाम आता है ज़्यादा ऊँची नहीं हैं। यहाँ की सबसे ऊंची चोटी शिलांग शिखर की ऊँचाई 1966 मीटर है.

मेघालय की मुख्य फसल – agriculture in meghalaya

मेघालय भारत का एक कृषि प्रधान राज्य है। यहाँ की जनता मूल रूप से खेती पर निर्भर करती है।  मेघालय की मुख्य फसलों में चावल, आलू, मक्का, अनानास, केले, तेलहन और काली मिर्च खूब उगाए जाते हैं।

यहाँ पान और सुपारी की भी पैदावार बहुत होती है। यहाँ के लोग कच्ची सुपारी और पान खाने के बहुत शौकीन हैं। लेकिन यहाँ पर्यटन उददोग की भी अपार संभावना है। इस कारण सरकार पर्यटन उददोग को बढ़वा देने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है।

मेघालय की भाषा (Meghalaya ki bhasha) – Meghalaya language in Hindi

Meghalaya language की बात की जाय तो मेघालय राज्य की राजकीय भाषा अंग्रेजी है। लेकिन यहाँ के लोग बोडो, असमी और हिन्दी भी बोलते हैं।

मेघालय का नृत्य – Meghalaya dance in Hindi

मेघालय राज्य की जानकारी | INFORMATION ABOUT MEGHALAYA IN HINDI
मेघालय का लोक नृत्य (meghalaya ka lok nritya)

मेघालय का लोक नृत्य यहाँ के जनजातियों के द्वारा किसी विभिन्न अवसर पर प्रस्तुत कीये जाते हैं। मेघालय के प्रसिद्ध नृत्य (meghalaya traditional dance) में शाद सुक मिनसेइम, नॉन्गरेम, लाहो, ड़ेरोगेटा, dhankoot dance के नाम सम्मिलित हैं।

मेघालय की कला और संस्कृति (Meghalaya ki sanskriti in Hindi)

भारत के राज्य मेघालय की संस्कृति की बात करें तो इसकी संस्कृति यहाँ निवास करने वाले बिभिन्न जनजातियों में साफ दिखती है। मेघालय के लोग बहुत ही नेक और मेहमान नवाजी में शौकीन होते हैं।

जैसा की हम जानते हैं की मेघालय(meghalya) की जनजातियों में घर का संचालन महिला द्वारा होती है। क्योंकि भारत का यह राज्य मातृवंशीय समाज और सिस्टम को अपनाते हैं। इसमें घर की उत्तराधिकारी या वारिस कहा महिला ही होती हैं।

मातृवंशीय समाज के कारण घर की सबसे छोटी बेटी को परिवार की संपत्ति का उत्तराधिकारी माना जाता है। उन्हें ही वारिस बनाया जाता है। मेघालय में उसे ‘नोकना’ कहा जाता है। मेघालय में ईसाई धर्म की संख्या बहुत ही अधिक है।

लेकिन मेघालय में अन्य धर्मों के लोग भी रहते हैं। यहाँ सभी धर्म के लोगों  सोहार्द पूर्वक निवास करते हैं। वे एक दूसरे के उत्सव में बड़े धूमधाम से भाग लेते हैं। लेकिन यहाँ क्रिसमस का उत्सव बड़े ही घूम-धाम से मनाई जाती है।

मेघालय की वेशभूषा

मेघालय राज्य की जानकारी | INFORMATION ABOUT MEGHALAYA IN HINDI

मेघालय के खासी जनजाति के पुरूषवर्ग़ की पारंपरिक वेशभूषा जहाँ ‘जेयफोंग’ कहलाता है। वहीं मेघालय के जनजातिय महिलाओ की पारंपरिक वेशभूषा ‘जैनसेम’ कहलाता है।

मेघालय का रहन सहन व खान पान

मेघालय के अधिकांश लोग मांसाहारी भोजन ज्यादा पसंद करते हैं। मेघालय का खाना की बात करें तो मेघालय का मुख्य भोजन है – सुअर, चिकन, मटन, मछली। मेघालय के जनजाति लोग अपने भोजन में मांस और भुने चावल बहुत चाव से खाते हैं।

यहाँ के महिलायें और पुरुष पान व कच्ची सुपारी खाने के खूब शौकीन होती हैं। यहाँ के कुछ जनजातिय लोग मनोरंजन के लिए चावल से तैयार दारू का भी सेवन करते हैं।

मेघालय के प्रमुशहर

मेघालय (meghalya) वैसे तो भारत का छोटा राज्य है। लेकिन यहाँ कई पहाड़ी शहर हैं जहाँ पहुचकर मेघालय के बारें में नजदीक से जाना जा सकता है।

  • शिलांग,
  • चेरापुंजी,
  • जोवाई,
  • तुरा,
  • नोंगस्तोईन,
  • पश्चिमी गारो हिल्स

मेघालय के पर्यटक स्थल (Meghalaya Tourist Places)

Information about Meghalaya in Hindi

इस राज्य के पर्यटक स्थल (meghamala tourist place) में निम्नलिखित स्थल प्रमुख हैं।

  • शिलांग पीक (Shillong Peak)
  • एलिफेंटा फॉल (Elephanta Fall)
  • नोंगपोह (Nongpoh)
  • स्वीट फॉल (Sweet falls)
  • चेरापूंजी (Cherrapunji)
  • मौसिनराम (Mausinram)
  • मावसई गुफा (Mavsai Cave)
  • वार्डस झील (Ward’s Lake)
  • उमंगोट नदी (Umangot River)
  • मौलिन्नोंग ((Maulinnong )
  • नॉहकलिकई फॉल (nohkalikai waterfalls)
  • नारतियांग मोनोलिथ (Nartiang Monolith)

मेघालय के बारें में रोचक जानकारी

  • मेघालय में महिला प्रधान समाज है।
  • यहाँ महिला के द्वारा ही उनके वंश का निर्धारण होता है।
  • मेघालय के चेरा पूंजी और मासिनराम में विश्व में सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र है।
  • यहाँ के अधिकांश जनजाति के लोग ईसाई धर्म का पालन करते हैं।
  • यहाँ का मौसम बड़ा ही सुहावना होता है।
  • मेघालय सन 1972 में असम से कटकर एक अलग राज्य बना।

मेघालय के प्रसिद्ध स्मारक

राज्य के प्रसिद्ध (Famous monuments of Meghalaya) की सूची में उम-न्यानकाना पर मेगालिथिक ब्रिज, उम-कुंबे पर मेगालिथिक ब्रिज, नार्थियांग मोनोलिथ, किआंग नोंगबाह स्मारक आदि के नाम प्रसिद्ध हैं।

मेघालय कैसे पहुचें (how to reach Meghalaya )

मेघालय सड़क, रेल और वायु मार्ग के द्वारा देश के कोने-कोने से जुड़ा हुआ है। गुवाहाटी में ट्रेन या बस से उतरकर सड़क मार्ग से मेघालय आसानी से पहुंचा जा सकता है।

मेघालय के त्योहार

मेघालय के त्योहार में वांगला त्योहार प्रसिद्ध है। Wangla Festival मेघालय की पहचान है। इसके अलावा यहाँ का बेदीनखलम उत्सव, नोंगकर्म डांस फेस्टिवल भी प्रसिद्ध है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (F. A. Q.)

  1. मेघालय की मुख्य नदियां कौन सी हैं ?

    मेघालय की मुख्य नदियां (Rivers of Meghalaya) में सोमेश्वरी, कोपिली, भोगाई, जादुकाता, दिगारू आदि का नाम लिया जाता है। 

  2. मेघालय राज्य में प्रमुख व्यवसाय क्या है?

    मेघालय के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है। यहाँ की 75% से अधिक लोग के आजीविका का मुख्य साधन कृषि है। लेकिन यहाँ पर्यटन व्यवसाय भी तेजी से फैल रहा है।

  3. मेघालय को मेघों का घर क्यों कहा जाता है?

    भारत के मेघालय राज्य में सबसे अधिक बर्षा होती है। इतना अधिक बर्षा की मेघालय को मेघों का घर कहा जाता है।

  4. मेघालय क्यों प्रसिद्ध है?

    मेघालय की प्राकृतिक सुषमा अत्यंत ही मनमोहक है। अपनी मनोरम दृश के कारण मेघालय पर्यटक को खूब आकर्षित करता है। मेघालय के चेरा पूंजी और मासिनराम दुनियाँ के सबसे बर्षा वाला स्थान है।

  5. मेघालय का नाम मेघालय क्यों पड़ा?

    जैसा की नाम से ही प्रतीत होता है। मेघालय का संधि विच्छेद किया जाय तो यह मेघ+आलय दो शब्द से बना है। जिसका अर्थ मेघों का घर होता है। अधिक बर्षा होने के कारण ही इसका नाम मेघालय पड़ा।

  6. मेघालय की राजधानी क्या है? (meghalaya ki rajdhani kaun si hai)

    मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग है।




Share This Article
Leave a comment