28 फरवरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस क्यों मनाया जाता है – National Science Day in hindi 2022 – जानें इस साल की थीम

National Science Day 2022 - राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है और क्यों?

28 फरवरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस क्यों मनाया जाता है – National Science Day in hindi 2022 – जानें इस साल की थीम

Facebook
WhatsApp
Telegram

National Science Day in hindi 2022, विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है और क्यों? जानें इस साल की थीम तथा सीवी रमन के बारें में, Science Day, National Science Day 2022, Sir CV Raman,

28 फरवरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के बारें में

About National Science day in Hindi – राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) महान वैज्ञानिक सी वी रमन के खोज की याद में मनाया जाता है। भारत में हर साल 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

28 फरवरी को भारत के इस महान सीवी रमन ने रमन इफेक्ट के अपने खोज को दुनियाँ के सामने लाया था। भारतीय वैज्ञानिक सी वी रमन को उनकी खोज रमन प्रभाव के लिए वर्ष 1930 में विश्व प्रसिद्ध नॉवेल पुरस्कार प्रदान दिया गया।

यू तो विज्ञान दिवस रमन इफेक्ट की खोज को सममर्पित है, इसका मूल उद्देश्य न केवल विद्यार्थी , वल्कि आमलोगों के बीच विज्ञान और बैज्ञान की उपलब्धियों को पहुंचना है और लोगो को जागरूक करना है।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है।

National Science Day 2022 - राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है और क्यों?
National Science Day 2022 – राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है और क्यों?

जैसा की हम जानते हैं की महान वैज्ञानिक सर सी वी रमन ने अपने खोज को 28 फरवरी को दुनियाँ के सामने लाया था। उनकी खोज पूरे दुनियाँ में रमन प्रभाव (Raman Effect) के नाम से प्रसिद्ध है।

चूंकि उन्होंने अपने खोज रमन प्रभाव को 28 फरवरी के दिन विश्व के सामने उजागर किया था। इस कारण से भारत में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसी खोज के लिए उन्हे सन 1930 में विज्ञान के क्षेत्र का नोबेल पुरुस्कार से नवाजा गया ।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की शुरुआत

भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की शुरुआत 1987 में हुई थी। भारत सरकार ने उनकी खोज दिवस 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया।

नेशनल काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन द्वारा वर्ष 1986 में भारत सरकार के समक्ष एक प्रस्ताव रखा। उनका प्रस्ताव था की 28 फरवरी को जिस दिन भारत के नॉवेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक सी वी रमन ने अपने खोज रमन प्रभाव को दुनियाँ के सामने लाया था।

उस दिन अर्थात 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाय। उनके इस प्रस्ताव को भारत सरकार ने 1987 में अपनी स्वीकृत प्रदान की।

भारत सरकार के ऐलान के बाद पहली बार से 28 फरवरी 1987 को भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया गया। इस प्रकार वर्ष 1986 से प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का महत्व व उद्देश्य

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के मनाने का मूल उद्देश्य विज्ञान के प्रति भारत के युवाओं में जागरूकता पैदा करना है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है की किसी भी देश के तेजी से विकास के लिए विज्ञान का बहुत बड़ा हाथ होता है।

देश का तेज गति से विकास के लिए देश के अंदर वैज्ञानिक प्रचार प्रसार आवश्यक है। अतः भारत में युवा पीढ़ी को विज्ञान के प्रति झुकाव और वैज्ञानिक कार्यों में रुचि पैदा करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने का तरीका

इस दौरण स्कूलों और कालेजों में विज्ञान से संबंधित कई प्रकार के कार्यकर्मों का आयोजन किया जाता है। साथ ही सोशल मीडिया, दूरदर्शन पर कार्यकर्मों के जरिए लोगों को जागरूक किया जाता है।

इस दिन भारत सरकार के विज्ञान और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा भी कई कार्यकर्म का आयोजन और पुरस्कारों की घोषणा की जाती है। इस प्रकार इस दिन महान वैज्ञानिक सी वी रमन को याद किया जाता है।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम 2022 – National Science Day in hindi language

वर्ष 2022 का राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के लिए थीम है “सतत् भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृष्टिकोण” (“Integrated Approach in Science and Technology for a Sustainable Future”) इस थीम को केन्द्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2022 के थीम के रूप में लांच किया।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम की सूची (विषय)

  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2000 – “मूल विज्ञान में रुचि उत्पन्न करना”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2001 – “विज्ञान शिक्षा के लिये सूचना तकनीक”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2002 – “पश्चिम से धन”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2003 – “जीवन की रुपरेखा- 50 साल का डीएनए और 25 वर्ष का आईवीएफ”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2004 – “समुदाय में वैज्ञानिक जागरुकता को बढ़ावा देना”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2005 -“भौतिकी को मनाना”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2006 – “हमारे भविष्य के लिये प्रकृति की परवरिश करें”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2007 – “प्रति द्रव्य पर ज्यादा फसल”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2008 – “पृथ्वी ग्रह को समझना”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2009 – “विज्ञान की सीमा को बढ़ाना”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2010-“दीर्घकालिक विकास के लिए लैंगिक समानता, विज्ञान व तकनीक”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2011–“दैनिक जीवन में रसायन”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2012–“स्वच्छ ऊर्जा विकल्प और परमाणु सुरक्षा”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2013–“अनुवांशिक संशोधित फसल व खाद सुरक्षा”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2014 -“वैज्ञानिक मनोवृत्ति को प्रोत्साहित करना”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2015 –“राष्ट्र निर्माण के लिए विज्ञान”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2016 –“देश के विकास के लिए वैज्ञानिक मुद्दों पर सार्वजनिक प्रशंसा बढ़ाने का लक्ष्य”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2017 –“विशेष रूप से एबल्डपर्सन के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2018–“एक सतत भविष्य के लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2019–“विज्ञान के लिए जन और जन विज्ञान के लिए विज्ञान”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2020 –“विज्ञान में महिलाएं”।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस थीम विषय 2021–“एसटीआई का भविष्य, शिक्षा, कौशल व कार्य पर प्रभाव”।

सर सी वी रमन का जीवनी

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की बात हो और सर सी वी रमन की चर्चा नहीं हो। हम इस लेख मे थोड़ा सा सी वी रमन के जीवन परिचय में बारें में जानते हैं। भारत के प्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक सीवी रमन का जन्म 7 नवंबर 1888 को भारत के तमिलनाडु राज्य के तिरुचिलापल्ली में हुआ था।

इनका पूरा नाम चंद्रशेखर वेंकट रमन था। उनके पिता का नाम चंद्रशेखर अय्यर और माता का नाम पार्वती अम्माल थी। इन्होंने पूरा जीवन भौतिक विज्ञान को समर्पित कर दिया। अपने कैरियर में उनकी सबसे उपलब्धि रमन प्रभाव की खोज है।

जिसके लिए उन्हें 1930 में विश्व का सबसे बड़ा पुरस्कार नॉवेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनकी मृत्यु सिलिकॉन सिटी बंगलुरु में 21 नवंबर 1970 को हुई।

इन्हें भी पढ़ें : वैज्ञानिक सर सी की रमन का जीवन परिचय विस्तार से

आखिर क्या है रमन प्रभाव

प्रकाश जब किसी पारदर्शी माध्यम जैसे ठोस गैस या  द्रव से गुजरता है तो उसके प्रकृति और स्वभाव में आए बदलाव को ही रमन इफेक्ट कहते हैं। जब प्रकाश किसी माध्यम से गुजरता है तो उस माध्यम के अनु के कारण प्रकाश अनु के कन क्षेत्र या फैल जाते हैं।

जिनसे प्रकाश के प्रकृति और स्वभाव में बदलाव आते हैं इन्हीं बदलाव के माध्यम से माध्यम की आंतरिक संरचना का पता लगाया जा सकता है। इसी प्रकार रमन इफेक्ट का प्रयोग करके किसी भी माध्यम की आंतरिक संरचना का पता लगाया जा सकता है।

प्रश्न – राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है और क्यों?

उत्तर – राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रति वर्ष 28 फरवरी को मनाया जाता है।

प्रश्न -विज्ञान दिवस 28 फरवरी को क्यों मनाया जाता है?

उत्तर – क्योंकि इसी दिन भारत के महान वैज्ञानिक सी वी रमन ने अपने रमन प्रभाव से विश्व को अवगत कराया।

प्रश्न – राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2022 की थीम क्या है?

उत्तर – 2022 में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम है- “सतत् भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृष्टिकोण”

आपको राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है और क्यों? (National Science Day in hindi 2022) इसका उत्तर मिल गया होगा हमे आशा है यह लेख आपको जरूर पसंद आया होगा।

बाहरी कड़ियाँ (External links)

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस – विकिपीडिया

Leave a Comment

Trending Posts