पद्म पुरस्कार क्या है, भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण में अंतर

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पद्म पुरस्कार को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। भारत रत्न के बाद पद्म पुरस्कार को भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान माना जाता है। इस पुरस्कार की शुरुआत 1954 में किया गया था।

Contents
पद्म पुरस्कार समिति का गठनपद्म पुरस्कारों की घोषणापद्म पुरस्कारों के लिए पात्रता: इन क्षेत्रों में प्रदान किया जाता है  पद्म पुरस्कारों से संबंधित नियम: पद्म पुरस्कार में क्या मिलता है पद्म पुरस्कार की शुरुआत पद्म पुरस्कार की श्रेणियोंपद्म विभूषणपद्म विभूषण किसे दिया जाता हैपद्म विभूषण में कितनी राशि दी जाती हैपद्म भूषण क्या हैपद्म श्री अवार्ड क्या होता है पद्म श्री में कितनी राशि दी जाती हैपद्म श्री अवार्ड में क्या मिलता हैपद्म श्री अवार्ड लिस्ट 2024 अंत मेंFAQsपद्म पुरस्कार की शुरुआत कब हुईपद्म श्री अवार्ड में कितनी राशि दी जाती हैपद्म भूषण और पद्म विभूषण में क्या अंतर है ?

पद्म पुरस्कार उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिनका किसी खास क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा हो। यह पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों जैसे कला, विज्ञान, खेल, सामाजिक कार्य, सिविल सेवा, साहित्य और शिक्षा, सार्वजनिक मामले, प्रौद्योगिकी, व्यापार व उद्योग आदि में असाधारण कार्यों के लिए प्रदान किए जाते हैं। 

पद्म पुरस्कार समिति का गठन

पद्म पुरस्कारों के लिए के जीतने भी नामांकन प्राप्त होते हैं उसे पद्म पुरस्कार समिति के पास भेजे जाते हैं। इस सिमिति का गठन हर साल भारत के प्रधानमंत्री द्वारा किया जाता है।

इस पुरस्कार समिति के सदस्यों की नियुक्ति कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, राष्ट्रपति के सचिव व कुछ अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा की जाती है। समिति द्वारा की गई सिफारिशें को भारत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पास सिफारिस हेतु भेजी जाती हैं।

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पद्म पुरस्कारों की घोषणा

इस पुरस्कार को पद्म पुरस्कार समिति के सिफारिशों के आधार पर प्रदान किए जाते हैं। इस समिति का प्रतिवर्ष भारत के प्रधानमंत्री द्वारा गठन होता है। इस पुरस्कार के लिए नामांकन प्रक्रिया जनता के लिए खुली है।

इसमें जनता द्वारा स्व-नामांकन भी किया जा सकता है। प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की पूर्व संध्या पर इस पुरस्कार की घोषणा की जाती है।

पद्म पुरस्कारों के लिए पात्रता: 

इन पुरस्कारों के पात्रता की बात की जाय तो इसके लिए सभी भारतीय जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना इसके पात्र हैं।

लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी  को इन पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं माना गया है। हालांकि डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को इस नियम से अलग रखा गया  है।  

इन क्षेत्रों में प्रदान किया जाता है  

कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य एवं शिक्षा, सिविल सेवा, खेल आदि। 

पद्म पुरस्कारों से संबंधित नियम: 

आमतौर पर इस पुरस्कार को जीवित अवस्था में ही दिया जाता है। इसे मरणोपरांत नहीं दिया जाता है। लेकिन सरकार के द्वारा कुछ अत्यधिक खास मामलों में विचार किया जा सकता है। 

पद्म पुरस्कार की उच्च श्रेणी का पुरस्कार किसी व्यक्ति तभी प्रदान किया जा सकता है। जब उन्हें पहले प्रदत पद्म पुरस्कार में कम से कम पांच वर्ष का अंतराल हो।

उदाहरण स्वरूप अगर किसी व्यक्ति को पहले पद्म श्री अथवा पद्म भूषण प्रदान किया जा चुका है तो उन्हें अगले पाँच साल के बाद ही पद्म विभूषण प्रदान किया जा सकता है। लेकिन कुछ अत्यधिक योग्य मामलों में सरकार द्वारा इस पर विचार किया जा सकता है। 

कुछ अपवादों को छोड़कर एक वर्ष में 120 लोगों से अधिक को यह पुरस्कार नहीं प्रदान किया जाता है। इसके अलावा इस सम्मान को प्राप्त करने वाले व्यक्ति अपने नाम के साथ प्रत्यय या उपसर्ग के रूप में इसे इस्तेमाल नहीं कर सकता है।

पद्म पुरस्कार में क्या मिलता है 

इस पुरस्कार के तहत कोई भी नकद राशि प्रदान नहीं दी जाती है। इस पुरस्कार में विजेताओं को भारत के राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र और एक पदक प्रदान  किया जाता है।

भारत के राष्ट्रपति द्वारा यह सम्मान मार्च या अप्रैल के महीने में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक खास समारोह के दौरान प्रदान किया जाता है। वर्ष 1954 में स्थापित इस पुरस्कार को हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर घोषित किए जाते हैं।

अगर 1978, 1979 तथा 1993 से लेकर 1997 को छोड़ दें तो यह सम्मान हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित होते आये हैं। 

पद्म पुरस्कार की शुरुआत 

इस पुरस्कार की आरंभ भारत सरकार द्वारा वर्ष 1954 में की गई थी। दरअसल में भारत सरकार ने दो नागरिक पुरस्कार को घोषणा की जिसमें पहले का नाम भारत रत्न और पद्म विभूषण था।

पद्म विभूषण तीन श्रेणियां में बँटी थीं, जिसका नाम पहला वर्ग, दूसरा वर्ग और तीसरा वर्ग रखा गया था। लेकिन सरकार ने  8 जनवरी 1955 को एक अधिसूचना जारी कर इनका नाम परिवर्तित कर दिया गया। फलतः इसका नाम बदलकर पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री हो गया। 

पद्म पुरस्कार की श्रेणियों

  1. पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए), 
  2. पद्म भूषण (उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए) 
  3. पद्म श्री (विशिष्ट सेवा के लिए )

उपरोक्त तीनों भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक अलंकरण है।

पद्म विभूषण

पद्म विभूषण को भारत रत्न के बाद भारत गणराज्य द्वारा प्रदान किया जाने वाला दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। इस पुरस्कार के अंतर्गत प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर युक्त एक प्रशस्ति पत्र और एक पदक प्रदान किया जाता है।

पद्म विभूषण पदक की पहचान की बात की जाय तो इस पदक के ठीक बीच में कमल का फूल अंकित होता है तथा अग्रभाग पर ‘देश सेवा’ शब्द लिखा रहता है।

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पद्म विभूषण किसे दिया जाता है

भारत के राष्ट्रपति द्वारा पद्म विभूषण पुरस्कार कला, साहित्य, चिकित्सा, खेल, राजनीति, उद्योग, सामाजिक सेवा आदि जैसे विभिन्न विषयों में असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। 

पद्म विभूषण में कितनी राशि दी जाती है

पद्म विभूषण पुरस्कार राशि में कुछ भी नकद राशि नहीं दी जाती है। इसमें केवल एक प्रमाण पत्र और पदक दिया जाता है।

पद्म विभूषण पुरस्कार लिस्ट 1954 से 2024 तक 

पद्म भूषण क्या है

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पद्म भूषण पुरस्कार को भारत रत्न और पद्म विभूषण के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान माना जाता है। भारत के राष्ट्रपति द्वारा यह पुरस्कार कला, साहित्य, चिकित्सा, खेल, राजनीति, उद्योग, सामाजिक सेवा आदि जैसे विभिन्न विषयों में उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। 

पद्म भूषण की शुरुआत कब हुई

प्रथम पद्म भूषण पुरस्कार विजेता

पद्म भूषण अवार्ड लिस्ट 600

पद्म श्री अवार्ड क्या होता है 

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पद्म श्री पुरस्कार हमारे देश भारत गणराज्य का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान माना जाता है।  इस पुरस्कार को भारत सरकार द्वारा कला, साहित्य, खेल, राजनीति, उद्योग, चिकित्सा, सामाजिक सेवा आदि जैसे विभिन्न विषयों में विशिष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।

पद्म श्री में कितनी राशि दी जाती है

इस पुरस्कार के अंतर्गत कोई भी रकम प्रदान नहीं की जाती है। 

पद्म श्री अवार्ड में क्या मिलता है

इस पुरस्कार में भी  राष्ट्रपति के हस्ताक्षर युक्त एक प्रशस्ति पत्र और एक पदक प्रदान किया जाता है। पद्म श्री पदक के एक तरफ तीन पत्तों वाला फूल होता है और अग्रभाग पर कमल होता है। इस पदक पर देवनागरी लिपि में श्री (श्री या सुश्री) अंकित होता है ।

पद्म श्री अवार्ड लिस्ट 2024 

अंत में

एक जापानी जिसे पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया उनका नाम जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे थे। जिन्होंने अब तक के जापान के प्रधानमंत्रियों में से सबसे अधिक बार भारत की यात्रा की और गणतंत्र दिवस के अवसर पर चीफ गेस्ट रहे।

FAQs

पद्म पुरस्कार की शुरुआत कब हुई

इस पुरस्कार की शुरुआत भी भारत रत्न के साथ ही 1954 में किया गया था।

पद्म श्री अवार्ड में कितनी राशि दी जाती है

इस अवार्ड में कोई भी नकद राशि प्रदान नहीं की जाती। इसमें एक पदक और प्रशंसित पत्र प्रदान किया जाता है।

पद्म भूषण और पद्म विभूषण में क्या अंतर है ?

पद्म भूषण और पद्म विभूषण में क्या अंतर है

इन्हें भी पढ़ें: भारत रत्न अवॉर्ड का चुनाव कैसे होता है।

जानकारी सोर्स – padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx

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