मध्य प्रदेश की पूरी जानकारी – INFORMATION ABOUT MADHYA PRADESH IN HINDI

मध्य प्रदेश (State of India)भारत का सबसे प्रसिद्ध हिन्दी भाषी राज्य है। भारत का नक्शा में यह राज्य ठीक मध्य में स्थित है। देश के मध्य में स्थित होने के कारण ही इसे मध्य प्रदेश के नाम से जाना जाता है।

मध्यप्रदेश को भारत का हृदय भी कहा जाता है। मध्यप्रदेश वनों का राष्ट्रीयकरण करने वाला भारत का प्रथम राज्य है। मध्य प्रदेश सफेद शेर के लिए भी जाना जाता है। यहाँ के एकमात्र जिला रीवा में सफेद शेर संरक्षित हैं।

मध्य प्रदेश का शहर उज्जैन हिन्दू समुदाय के लिए सबसे बड़ा आस्था का केंद्र है। विश्व प्रसिद्ध कुम्भ मेला के आयोजन स्थलों में उज्जैन एक है। यह राज्य खनिज संसाधनों की दृष्टि से भी भारत का समृद्ध प्रदेश है।

मध्य प्रदेश की पूरी जानकारी - INFORMATION ABOUT MADHYA PRADESH IN HINDI
मध्य प्रदेश की पूरी जानकारी – INFORMATION ABOUT MADHYA PRADESH IN HINDI

भारत के इस राज्य में हीरे और तांबे का बहुत बड़ा भंडार मौजूद है। मध्य प्रदेश का पन्ना एक मात्र स्थान है जहाँ हीरे की ख़ान स्थित है। पर्यटन की लिहाज से मध्य प्रदेश सबसे महत्वपूर्ण प्रदेश है।

जहाँ धार्मिक और इतिहासिक कई स्थल देखने योग्य हैं। इस राज्य को वर्ष 2010-11 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार प्रदान किया गया। आईये इस लेख में मध्यप्रदेश का इतिहास, भाषा, रहन-सहन, भूगोल, के बारें में संक्षेप में जानते हैं।

मध्यप्रदेश के बारे में कुछ जानकारी की बातें – ABOUT MADHYA PRADESH IN HINDI

राज्य का नाममध्य प्रदेश (Madhya Pradesh )
मध्य प्रदेश की राजधानी मध्य प्रदेश की राजधानी
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस1 नवम्बर, 1956
मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल3,08346 वर्ग किमी
मध्य प्रदेश का राजकीय पशुबारहसिंगा
मध्य प्रदेश की राजकीय पक्षीदुधराज
मध्य प्रदेश की मुख्य भाषा  हिन्दी
मध्य प्रदेश की राजकीय वृक्षबरगद (वटवृक्ष)
मध्य प्रदेश के प्रथम राज्यपालडॉ॰ पट्टाभी सीतारमय्या
मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्रीरविशंकर शुक्ल
मध्य प्रदेश में कुल जिले55
राज्य में लोकसभा की कुल सीटें29
राज्य में राज्‍यसभा की कुल सीटें11
विधानसभा की कुल सीटें230

मध्यप्रदेश राज्य की सम्पूर्ण जानकारी – Complete information of Madhya Pradesh in Hindi

मध्य प्रदेश राज्य का इतिहास (History of Madhya Pradesh in Hindi) – मध्य प्रदेश का इतिहास अत्यंत ही प्राचीन माना जाता है। यहाँ के भीमबेटका, आदमगढ, जावरा, रायसेन, पचमढ़ी जैसे स्थान के अध्ययन इसे प्रागैतिहासिक कालिन होने की पुष्टि करता है। 

इतिहासकारों के अनुसार इस प्रदेश के राजवंशीय इतिहास सम्राट अशोक के शासनकाल से मिलता है। प्रियदर्शी अशोक ने इस प्रदेश के उज्जैन पर सर्वप्रथम अधिकार किया।

इतिहासविदों के अनुसार सम्राट अशोक की पत्नी इसी प्रदेश के विदिशा से थी। मगध साम्राज्य के पतन के बाद यह प्रदेश कई राजकुलों के शासन का उठा-पटक को देखा।

इन राजवंशों में शुंग, कुशान, सातवाहन एवं स्थानीय राजवंशों के शासक शामिल थे। आगे चलकर मध्यप्रदेश का भू-भाग गुप्त साम्राज्य का हिस्सा बना। हूणों के आक्रमण के बाद गुप्त साम्राज्य का पतन हो गया।

बाद में मालवा और बुंदेलखंड के शासकों का इस क्षेत्र पर अधिकार रहा। कलांतर में परमार राजा भोज ने इंदौर और धार पर अपना शासन किया। 

13 वीं सदी में दिल्ली सल्तनत के शासकों का मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों पर शासन रहा। बाद में मुगल शासक ने इस प्रदेश के कई भागों पर अपना प्रभुत्व स्थापित किया।

मराठों के उदय के बाद कुछ समय तक मध्य भारत पर मराठों का अधिकार रहा। परंतु बाद में यह छोटे-छोटे रियासत में विघटन हो गया। 

मध्य प्रदेश की प्रमुख रियासतें में इंदौर, कोठी, पन्ना, ग्वालियर, जावरा, टोडी फतेहपुर, नागौद, रीवा और मोहम्मद गढ़ की रियासत प्रमुख थी। ग्वालियर में जहाँ सिंधिया का शासन हुआ वहीं इंदौर में होल्कर वंश के राजाओं ने शासन किया।

मध्य प्रदेश का राजा और रियासत की बात की जाय तो इंदौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर, गोंड महारानी दुर्गावती जैसी महिला शासिका का नाम प्रसिद्ध है। इन्होंने अपने उत्कृष्ट शासन के कारण इतिहास में अमर हो गई।

बाद में ब्रिटिश सरकार ने धीरे-धीरे सम्पूर्ण प्रदेश पर कब्जा कर लिया। अंग्रेजों से भारत की आजादी के लिए वर्षों तक आंदोलन चला। फलतः 1947 को हमारा देश आजाद हुआ।

मध्य प्रदेश राज्य के गठन का इतिहास – history of mp in hindi

मध्य प्रदेश का पुराना नाम की बात करें तो इसे पहले मध्य भारत के नाम से भी जाना जाता था। आजादी के बाद सन 1950 ईस्वी में मध्यप्रदेश राज्य का गठन हुआ।

मध्यप्रदेश राज्य का गठन पूर्व ब्रिटिश केंद्रीय प्रांत और बरार, मकाराई के राजसी राज्य और छत्तीसगढ़ को मिलाकर किया गया। मध्यप्रदेश राज्य की स्थापना के बाद नागपुर इसकी राजधानी बनाई गई।

लेकिन राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के अनुसार फिर से इसमें कुछ क्षेत्र मिलाए गये तथा कुछ अलग हुए। इसके तहद मध्य भारत, विंध्यप्रदेश और भोपाल राज्यों को मध्यप्रदेश में विलय किया गया।

तथा नागपूर को मध्यप्रदेश से अलग कर महाराष्ट्र का हिस्सा बनाया गया। राज्य के पुनर्गठन के बाद भोपाल शहर को मध्य प्रदेश की नई राजधानी बनायी गई। राज्य का उच्च न्यायालय जबलपुर और खंडपीठ ग्वालियर एवं इंदौर में स्थापित हुआ।

मध्य प्रदेश राज्य के पुनर्गठन का इतिहास

मध्य प्रदेश का पुनर्गठन सन 2000 में हुआ। सन 2000 में मध्य प्रदेश से अलग एक नए राज्य का गठन हुआ। मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सा को काटकर नए राज्य छत्तीसगढ़ का निर्माण किया गया।

इस प्रकार वर्तमान मध्यप्रदेश राज्य का अस्तित्व सामने आया। यह राज्य करीब 300 लाख हेक्टेयर से अधिक भौगोलिक क्षेत्र में फैला है। जो क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्यप्रदेश भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। 

इन्हें भी देखें – मध्य प्रदेश का नक्शा डाउनलोड करने के लिए आधिकारिक वेबसाईट landrecords.mp.gov.in पर जाएं

मध्यप्रदेश की राजधानी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है। 1950 में जब मध्य प्रदेश राज्य का गठन हुआ था तब शुरू में इसकी राजधानी नागपूर बनायी गयी थी। लेकिन 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के बाद नागपूर महाराष्ट्र का हिस्सा बन गया।

तब मध्य प्रदेश की नई राजधानी भोपाल को बनाई गई। भोपाल प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से अनुपम शहर है। इस शहर को परमार राजा भोज ने भोजपाल नामक नगर के नाम से बसाया था। आगे चलकर इस शहर का नाम भोपाल पड़ा।

राज्य स्थापना दिवस

राज्य पुनर्गठन आयोग के द्वारा 1956 में भाषा के आधार पर राज्यों के गठन की बात की गई थी। इसी आधार पर देश के मध्य भाग, छत्तीसगढ़ तथा विंध्य प्रदेश तथा भोपाल राज्य को मिलाकर नया राज्य बनाया गया।

इस प्रकार मध्यप्रदेश का गठन 1 नवम्बर, 1956 को हुआ।

मध्य प्रदेश के जिलों के नाम

वर्तमान में मध्य प्रदेश में कितने जिले हैं इसे हम जानते हैं। जब इस राज्य का गठन हुआ था उस बक्त मध्यप्रदेश में 43 जिले थे। लेकिन वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल 55 जिले हैं। मध्य प्रदेश के इन 55 जिलों के नाम इस प्रकार हैं:-

भोपाल, राजगढ़,रायसेन, विदिशा सीहोर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, अशोक नगर, गुना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, अलीराजपुर, इन्दौर, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, कटनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, डिंडौरी,

नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, बैतूल, हरदा, होशंगाबाद, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, सागर, निवाड़ी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, आगर मालवा, उज्जैन, देवास, नीमच, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर।

मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर

भारत के राज्य मध्य प्रदेश में अनेकों शहर हैं। यह सभी शहर उधोग-धंधे और पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। जनसंख्या की दृष्टि से देखा जाय तो इंदौर इस राज्य का सबसे बड़ा शहर है। मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर के नाम इस प्रकार हैं :-

  • भोपाल,
  • इंदौर,
  • जबलपुर,
  • ग्वालियर,
  • उज्जैन,
  • सागर,
  • रतलाम,
  • सतना,
  • रीवा,
  • छिंदवाड़ा,
  • छतरपुर,
  • विदिसा,
  • नीमच,
  • होशंगवाद,
  • इटारसी ।

मध्य प्रदेश का भूगोल

मध्यप्रदेश का क्षेत्रफल 308245 वर्ग कि.मी. है। मध्यप्रदेश के करीब 30% से अधिक भू-भाग पर वन हैं। एरिया में यह देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है।

मध्य प्रदेश की चौहद्दी में इसके उत्तर में उत्तरप्रदेश एवं दक्षिण में महाराष्ट्र व आंध्रप्रदेश स्थित है। यह पूरब और पूर्वोत्तर में छत्तीसगढ़ एवं पश्चिम तथा पश्चिमोत्तर में गुजरात एवं राजस्थान से घिरा है।  

मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियों के नाम हैं :-

  • चंबल,
  • नर्मदा,
  • बेतवा,
  • ताप्ती,
  • क्षिप्रा,
  • पार्वती,
  • सोन,
  • बानगंगा,
  • धसान देव,
  • बरनार,
  • केन,
  • वादना,
  • हिरन,
  • काली सिंध

इस राज्य में मुख्य रूप से 4 पठार हैं। मध्य प्रदेश के प्रमुख पठार में बुंदेलखण्ड का पठार, रीवा-पन्ना का पठार, मध्य भारत का पठार, बघेलखंड का पठार आदि नाम शामिल हैं।

यहाँ के प्रमुख जलप्रपात में धुंआधार, कपिलधारा, चचाई, क्योंटी, बहुंटी, दुग्धधारा आदि प्रसिद्ध नाम हैं। इन क्षेत्रों में कई पर्वतमाल स्थित हैं।

मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्वत में विन्ध्याचल, सतपुड़ा, मैकाल, महादेव आदि नाम लिए जा सकते हैं। मध्य प्रदेश सफेद शेर के लिए भी जाना जाता है। यहाँ के एकमात्र जिला रीवा में सफेद शेर संरक्षित हैं।

मध्य प्रदेश की पूरी जानकारी - INFORMATION ABOUT MADHYA PRADESH IN HINDI
मध्य प्रदेश की पूरी जानकारी – INFORMATION ABOUT MADHYA PRADESH IN HINDI

मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थति

मध्यप्रदेश देश का सबसे मध्यवर्ती क्षेत्र है। मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति की बात की जाय तो यह राज्य 18° उत्तर से 26°30′ उत्तरी अक्षांशों एवं 74° पूर्व से 84°30′ पूर्व देशांतर रेखाओं के मध्य स्थित है।

इस राज्य का विस्तार पूरब से पश्चिम की ओर 870 किमी और उत्तर से दक्षिण ओर 605 किमी है।  

मध्य प्रदेश की संस्कृति – culture of madhya pradesh in hindi

भारत का यह राज्य अपने सांस्कृतिक कला और धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। शास्त्रीय और लोक संगीत के क्षेत्र में यह प्रदेश भारत में अग्रणी है। तानसेन, बैजु बावरा और आधुनिक समय में लता मंगेसकर का जन्म स्थान मध्य प्रदेश ही है।

विश्व प्रसिद्ध संस्था उनेस्को द्वार मध्य प्रदेश की तीन प्रसिद्ध इतिहासिक इमारत यहाँ की समृद्ध संस्कृति को दर्शता है।

मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थल

मध्य प्रदेश में अनेकों पर्यटन स्थल हैं। यहाँ के पर्यटन स्थल वास्तुकला, प्राकृतिक सौन्दर्य एवं धार्मिक महत्व की दृष्टि से बेहद खास है। मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल के नाम हैं –

  • उज्जैन-  महाकालेश्वर मन्दिर, जन्तर मन्तर और कुम्भ मेल के लिए प्रसिद्ध
  • खजुराहो- चदेलकालीन भव्य मंदिर के लिए प्रसिद्ध 
  • सांची का बौद्ध स्तूप – विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थान
  • चित्रकूट- हिन्दू समुदाय का पौराणिक धार्मिक स्थल
  • मैहर (सतना)- मैहरवाली माता का प्रसिद्ध मंदिर  
  • खण्डवा- ओकारेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मन्दिर
  • कालिया देह (उज्जैन)- भर्तृहरि की दर्शनीय गुफाएं।
  • बावनगजा (निकर इन्दौर)- प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल।
  • भिलसा (विदिशा)- उदयगिरी की दर्शनीय गुफाए।
  • मुक्तागिरि (बैतूल)- जैनधर्मावलम्बी का प्रमुख तीर्थस्थल।
  • रीवा- चचाई, केवटी तथा बहुटी जलप्रताप के लिए चर्चित
  • पचमढ़ी- मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन।
  • महेश्वर (निकट इन्दौर)- यह भव्य मन्दिर घाट के लिए प्रसिद्ध है।
  • बांधवगङ् राष्ट्रीय उद्यान- यह उधान भारत में सफेद शेर के लिए प्रसिद्ध।
  • भेड़ाघाट (निकट जबलपुर)-संगमरमर के घाट, धुआंधार जलप्रताप के लिए प्रसिद्ध  
  • अमरकंटक – नर्मदा का उद्गम स्थल, कपिलधारा एवं दुग्धधारा जलप्रपात के लिए विख्यात

इसके अलावा यहाँ भीमबेटका की रॉक शेल्टर, चौंसठ योगिनी मंदिर, झांसी की रानी की समाधि, ग्वालियर का किला, तानसेन का मकबरा आदि दर्शनीय है।

इन पर्यटन स्थलों में खजुराहो का मंदिर, सांची का स्तूप, भीमबेटका की रॉक शेल्टर को यूनेस्को के विश्व विरासत के सूची में शामिल है।

मध्यप्रदेश की भाषा

मध्यप्रदेश की राजभाषा हिन्दी है। यह राज्य की आधिकारिक भाषा भी है। इसके साथ ही यहाँ उर्दू, संस्कृत, और मराठी भाषा भी बोली जाती है। इसके अलावा मध्य प्रदेश में कई क्षेत्रीय भाषाएं भी प्रचलन में हैं।

इन भाषाओं में मालवी, बघेली, निमरी और बुंदेली प्रमुख हैं। यहाँ के आदिवासी जनजातियों के द्वारा बोले जाने वाली भाषाओं में भिलोड़ी, गोंडी, कोरकू, और निहाली आदि प्रमुख हैं।

मध्य प्रदेश का पहनावा – madhya pradesh ka pehnawa

मध्य प्रदेश की पहनावा की बात की जाय तो यहाँ की महिलाएं लहंगा और चोली पहनना पसंद करती है। लेकिन यहाँ की महिलायें साड़ी भी पहनना पसंद करती है। जबकि मध्यप्रदेश के पुरुषों का पारंपरिक पोशाक कुर्ता-धोती है।

लेकिन नए लोग शर्ट पेंट और जींस पहनना पसंद करते हैं। यहाँ के पारंपरिक पोशाक में महिलायें सिर और कंधों को ढकने के लिए ओधनी का प्रयोग करती हैं। लेकिन यहाँ के आदिवासी लोगों के dress में कुछ भिन्नता नजर आती है।

मध्य प्रदेश का रहन सहन

किसी भी प्रदेश का रहन सहन वहाँ के लोगों के जीवनचार्या से आसानी से समझा जा सकता है। मध्य प्रदेश में खनिज संपदा की विपुलता है। यहाँ की मिट्टी बहुत ही उपजाऊ है।

राज्य की प्रमुख फसलों में चावल, गेहूं, चना, अरहर, मूंगफली, कपास और जवार शामिल हैं। यहाँ के लोगों की मुख्य आजीविका का साधन खेती है। मध्य प्रदेश का ख़ान पान में लोग चावल का प्रयोग अधिक करते हैं।

मध्य प्रदेश के प्रमुख उधोग

मध्य प्रदेश का कई उधोग स्थापित हैं। यहाँ के प्रमुख उधोग में अमलाई का कागज मिल्स, नेपानगर में स्थित अखबारी कागज का कारखाना, कटनी में स्थित ऑर्डिनेन्स फैक्टरी, जबलपुर का हैवी वेहिकल्स तथा गन कैरिएज फैक्ट्री प्रसिद्ध है।

मध्य प्रदेश सूती वस्त्र उधोग के लिए भी पूरे भारत में प्रसिद्ध है। इस राज्य के भोपाल, इंदौर, रतलाम और देवास सूती कपड़ों के मिलों के लिए जाना जाता है। 

मध्य प्रदेश के इतिहासिक महल व किले

मध्य प्रदेश के प्रमुख महल में ग्वालियर का गुजरी महल और जय विलास महल, रायसेन का इत्रदार महल और बादल महल, मांडु का रूपमती का महल, धार का खरबूजा महल प्रसिद्ध हैं।

मध्यप्रदेश के कुछ ऐतिहासिक किले में ग्वालियर का किला, बांधवगढ़ का किला, धार का किला, मन्दसौर का किला और असीरगढ़ का किला प्रसिद्ध है।

वहीं प्रसिद्ध दुर्ग में ओरछा दुर्ग, मण्डला का दुर्ग, चन्देरी का दुर्ग और रायसेन का दुर्ग शामिल हैं।

मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान  

  • राज्य का सबसे लम्बा पुल : महानदी पुल
  • राज्य का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन : इटारसी
  • राज्य की सबसे बड़ी मस्जिद : ताजुल मस्जिद, भोपाल
  • राज्य का सबसे बड़ा कोयला भण्डार : सोहागपुर कोयला क्षेत्र
  • सबसे पहला विश्वविद्यालय : डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर
  • राज्य का सबसे पहला राष्ट्रीय उद्यान : कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान

राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालय

  1. विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन
  2. जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर
  3. डॉ हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर
  4. रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर
  5. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर
  6. बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल
  7. अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा

मध्य प्रदेश के प्रमुख पुरस्कार एवं सम्मान

राज्य के प्रमुख सम्मान व पुरस्कार में महात्मा गांधी सम्मान, कबीर व कालिदास सम्मान, देवी अहिल्याबाई सम्मान, तानसेन सम्मान, तुलसी सम्मान, लता मंगेशकर पुरस्कार आदि सम्मिलित हैं। interesting facts about madhya pradesh

मध्य प्रदेश के बारे में कुछ जानकारी – interesting Facts About Madhya Pradesh in Hindi

  • मध्य प्रदेश क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है।
  • इस राज्य की सीमा पाँच राज्य की सीमा को छूती है।
  • मध्य प्रदेश का उज्जैन कुम्भ मेला के लिए प्रसिद्ध है।
  • मध्य प्रदेश के कुछ प्रसिद्ध हस्तियों में चंद्रशेखर आज़ाद, कैलाश सत्यार्थी, किशोर कुमार और लता मंगेशकर हैं।
  • मध्य प्रदेश हीरे के खान के लिए भारत में प्रसिद्ध है। इस राज्य के पन्ना जिले में हीरे की खान है।
  • पचमढ़ी को मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन कहा जाता है।
  • मध्‍य प्रदेश राज्य की स्‍थापना 1 नवंबर, 1956 को हुई थी।

मध्य प्रदेश के कितने जिले छत्तीसगढ़ की सीमा से लगते हैं?

मध्य प्रदेश के 6 जिले (सिंगरोली, सीधी, शहडोल, मंडला, डिनडोरी और बालाघाट) छत्तीसगढ़ की सीमा से लगते हैं।

मध्य प्रदेश का कुल क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत है?

मध्य प्रदेश का कुल क्षेत्रफल (area of madhya pradesh) देश के कुल क्षेत्रफल का 9.38 प्रतिशत है।

वर्तमान मध्य प्रदेश में कितने जिले हैं?

वर्तमान मध्य प्रदेश में कुल 52 जिले है, मध्य प्रदेश के सभी 52 जिलों को 10 मंडलो में बांटा गया है। जनसंख्या की दृष्टि से इंदौर और क्षेत्रफल में छिंदवाड़ा सबसे बड़ा जिला है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में कितने जिले आते हैं

इस क्षेत्र में इंदौर, उज्जैन,शाजापुर, देवास, धार, रतलाम, सीहोर और झाबुआ जिला सम्मिलित हैं।

मध्य प्रदेश का पुनर्गठन कब हुआ?

राज्य पुनर्गठन आयोग के सिफारिस के आधार पर मध्य प्रदेश का पुनर्गठन 1 नबम्बर 1956 को हुआ था। लेकिन राज्य का फिर से सन 2000 में पुनर्गठन हुआ और मध्य प्रदेश से छतीसगढ़ नया राज्य बना।



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अंतिम संशोधन – 26 फरवरी 2022

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