राजगीर के टॉप 15 पर्यटन स्थल | Rajgir Tourism in Hindi

राजगीर के टॉप 15 पर्यटन स्थल - Rajgir Tourism in Hindi

राजगीर के टॉप 15 पर्यटन स्थल | Rajgir Tourism in Hindi

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राजगीर के टॉप 15 पर्यटन स्थल – Rajgir Tourism in Hindi

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राजगीर भले ही बिहार का एक छोटा सा स्थल है लेकिन ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से यह एक पावन स्थल है। साथ ही rajgir tourist spot के रूप में भी पूरे भारत में प्रसिद्ध है। राजगीर में और आसपास के पर्यटक स्थल सभी धर्मों के लिए महत्वपूर्ण है।

राजगीर के टॉप 15 पर्यटन स्थल - Rajgir Tourism in Hindi
राजगीर के टॉप 15 पर्यटन स्थल – Rajgir Tourism in Hindi

लेकिन बौद्ध, जैन और हिन्दू धर्म के लोगों के लिए यह स्थल बेहद ही खास है।  बिहार के नालंदा जिले में स्थित राजगीर के बारे में कहा जाता है की यहाँ सोना का अकूत भंडार छुपा है। कई विशेष अवसर पर राजगीर के मेले और त्योहार भी पर्यटक को खूब आकर्षित करते हैं।

राजगीर में पर्यटन स्थल – places to visit in Rajgir in Hindi

राजगीर तथा इसके आसपास के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कई स्थलों दर्शनीय हैं। राजगीर के इन पर्यटन स्थलों में सप्तपर्णि गुफा, विश्व शांति स्तूप, सोन भंडार गुफा, मणियार मठ, जरासंध का अखाड़ा, बिम्बसार कारागृह और नौलखा मंदिर प्रसिद्ध हैं।

इसके अलावा बाबा सिद्धनाथ का मंदिर, वेनुवन विहार, प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय, जैन मंदिर, श्रीकृष्ण भगवान के रथ के चक्कों के निशान और गर्म जल के कुंड आदि प्रमुख हैं।आईए राजगीर में पर्यटन स्थल (tourist places in rajgir in hindi) की जानकारी से अवगत होते हैं।

1. गृद्धकूट पर्वत – Rajgir Ka Darshaniya Sthal Gridhakuta parvat In Hindi

कहा जाता है की गृद्धकूट पर्वत पर भगवान बुद्ध ने कई वार अपना उपदेश दिये थे। गृद्धकूट पर्वत की चोटी पर जपान के बौद्ध समुदाय द्वारा निर्मित शांति स्तूप बेहद ही आकर्षक है। अपनी स्थापत्य कला के कारण यह स्तूप अन्यास ही पर्यटक को अपनी ओर खिचता है।

इस स्तूप के चारों ओर भगवान बुद्ध की सुंदर प्रतिमा स्थित है जो इस स्तूप को और भी मनमोहक बनाता है। गृद्धकूट पर्वत के चोटी पर बना इस स्तूप तक पहुचने के लिए पैदल ही चढ़ाई करनी पड़ती है।

2 राजगीर कुंड – Hot Springs Best Place To Visit In Rajgir In Hindi

राजगीर में लोग यहां स्थित गर्म जल के झरने को देखकर बड़े ही अचंभित होते हैं। राजगीर के पाँच पर्वत में से एक पर स्थित सप्तधाराएं से गर्म जल के झरने बहते हैं। कहा जाता है की यह गर्म जल सप्तकर्णी गुफाओं से निकल कर आता है।

ऐसी मान्यता है की इस गर्म जल के झरनों में स्नान से लोगों के कई प्रकार की विमारी खत्म हो जाती है। क्योंकि इसके जल में कई चिकित्सकीय गुण के सबूत पाए गये हैं।

राजगीर अपने पौराणिक 22 कुन्ड के लिए भी पूरे भारत में प्रसिद्ध हैं। मलमास के अवसर पर इस कुंड में लाखों की संध्या में लोग स्नान करते हैं। कहा जाता है की यहाँ के 22 कुंडों में 52 धाराओ से पानी आता है।

यहाँ के प्रमुख कुंडों में अनंत कुंड, ब्रह्मकुंड, सप्तधारा कुंड, मार्कंडेय कुंड, काशीधारा कुंड, सूर्य कुंड, राम-लक्ष्मण कुंड, गौरी कुंड और सीता कुंड, गोदावरी कुंड, दुखहरणी कुंड प्रमुख हैं। इन सभी जल कुंडों में “ब्रह्मकुन्ड” का जल सबसे ज्यादा गर्म है।

राजगीर के सबसे प्रसिद्ध कुंड में ब्रह्मकुंड (brahma kund rajgir) माना जाता है। जिसके बारे में कहा जाता है इस कुंड का निर्माण स्वयं ब्रह्माजी ने किया था। इसके अलावा बाबा मखदूम साहब का कुंड भी प्रसिद्ध है।

22 कुंड में कुछ कुंड अव खत्म होने के कगार पर पहुँच गये है। लेकिन बिहार सरकार राजगीर के कुछ जमींदोज हो चुके कुंड को जीर्णोद्धार के लिए की कदम उठा रही है।

3. जैन मंदिर राजगीर – about Rajigir ka mandir in hindi

विपुलाचल पर्वत पर स्थित जैन मंदिर, जैन समुदाय के पवित्र आस्था का केंद्र है। कहते हैं की इस स्थल का संबंध जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर से है। जैन धर्म के तीर्थकर भगवान महावीर स्वामी ने विपुलगिरि पर्वत पर ही अपना पहला उपदेश पर दिया था।

विपुलाचल पर्वत की कंदराओं के बीच बने जैन मंदिर को दूर से ही दिखाई पड़ता है। एक दुर्गम मार्ग का सफर तय कर इस मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। जैन समुदाय के अनुसार राजगीर जिन पाँच पहाड़ी विपुलाचल, सोनागिरि, रत्नागिरि, उदयगिरि, वैभारगिरि से घिरा है।

उसका अपना एक महत्व है। इन पहाड़ियाँ पर 26 जैन मंदिरों को दूर से देखा जा सकता है। यहाँ के प्रमुख मंदिर में लाल मंदिर, वीरासन धाम, दिगम्बर जैन मंदिर प्रमुख है। लालमन्दिर में राजस्थानी चित्रकारों की अनुपम कारिगीरी देखने को मिलती है।

इस मंदिर के गर्भ गृह में भगवान महावीर को पालने पर झुलाया जाता है। इस मंदिर में ही जैन धर्म के 20वें तीर्थकर की विशाल प्रतिमा भी लगी है।

4. बिम्बिसार कारागार – Rajgir Ka itihasik Sthal Bimbisar Jail In Hindi

बिम्बिसार जेल का निर्माण अजातशत्रु के द्वारा किया गया था। यह कारागृह 18.58 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्मित है जिसमें आजतशत्रु ने अपने पिता बिंबसार को कैद कर खुद मगध का सम्राट बन गया। कहा जाता है की अजातशत्रु में अपने पिता को कैद कर इसी जेल में रखा था।

बिम्बिसार, भगवन बुद्ध के अनुयायी थे। उन्होंने अपने पुत्र द्वारा कैद किए जाने के बाद एक ऐसी स्थल पर कैद में रहने की इच्छा जताई जहाँ से भगवान बुद्ध के पवित्र स्थल का दीदार कर सकें। तब अजातशत्रु ने गृद्धकूट पहाड़ी के पास इस कारागार का निर्माण कराया। यह से गृद्धकूट का सुंदर दृश्य साफ अवलोकित होता है।

5. सप्तपर्णी गुफा – Rajgir Tourism Saptaparni Cave In Hindi

राजगीर के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल में सप्तपर्णी गुफा(अथवा सत्तपर्णगुहा) का नाम आता है। राजगीर की पहाड़ी में स्थित इस गुफा का बौद्ध समुदाय के लिए विशेष महत्व है। इतिहासकारों का मानना है की प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन इसी सप्तपर्णी गुफा के पास हुआ था।

मान्यता ही की भगवान बुद्ध भी इस गुफा में रहे थे। बौद्ध धर्म के अलाबा यह स्थल हिन्दू समुदाय के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ से निकलने वाली गरम जल के झड़ने में भी अपने आप में महत्वपूर्ण है। झड़ने के पास बने कुंड में पवित्र स्नान जहाँ धार्मिक दृष्टि से पुण्य दायक माना जाता है। वहीं स्वास्थ्य के लिये भी अच्छा है।

6. मनियार मठ – Maniyar math Rajgir Tourism in Hindi

“मनियार मठ” का नाम भी राजगीर के फेमस स्थलों में किया दजता है। कहते हैं की महाभारत में वर्णित मणि-नाग की यह समाधि स्थल है। मनियार मठ पास की पहाड़ियों में कई प्राचीन गुफाएं हैं।

इस गुफा के बारे में कहा जाता है की इसमें अकूत सोने का भंडार है। राजगीर के इस इतिहासिक और धार्मिक मनियार मठ के पास खुदाई से उस बक्त के कई सबूत मिले हैं। यह भी कहा जाता है।

7. वन्यजीव अभयारण्य, राजगीर – Rajgir national park in Hindi

राजगीर धार्मिक दृष्टिकोण से जितना खास है उतना ही पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। पाँच पहाड़ियों के मध्य स्थित रजिर अपने अंदर कई जैव विविधता को सँजोये हुए है।

लगभग 35 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फ़ाइल राजगीर के वन्य क्षेत्र को ‘राजगीर वन्यजीव अभयारण्य के रूप में विकसित कर दिया गया है। इस अभयारण्य में कई दुर्लभ वनस्पतियाँ और अनेकों प्रकार के वन्य जीवों को संरक्षित किया गया है।

सन 1978 में भारत सरकार ने इसे वन्य जीव अभयारण्य के रूप में विकसित किया। बिहार के राजगीर में ज़ू सफारी (Rajgir Zoo Safari) का मजा लिया जा सकता है।

इस वन्यजीव अभ्यारण्य में बुलबुल, रंगीन तीतर, उल्लू कोयल, पपीहा के अलाबा कई दुर्लभ पक्षी की प्रजाति देखने को मिलती है। साथ ही इस वन्य जीव अभयारण्य में चीतल, लंगूर, नीलगाय, जंगली सुअर, गीदड़, लकड़बग्घा देखने को मिलते हैं।

8. जरासंध का अखाड़ा – Rajgir Tourism Jarasandha Ka Akhara In Hindi

कहते है यह स्थान जरासंध का प्रसिद्ध आखड़ा था। इस जरासंध के कारण ही श्री कृष्ण में अपनी राजधानी द्वारिका में बनाई। मान्यता है की इस अखाड़े में भीम और जरासंध के बीच 18 दिनों तक मल्लयुद्ध हुआ था। जिसमें जरासंध भगवान श्री कृष्ण के सहयोग से भीम के हाथों मारा गया।  

9. विश्व शांति स्तूप राजगीर – Vishwa Shanti Stupa, Rajgir Tourism in Hindi

यह स्तूप राजगीर के सबसे प्रसिद्ध धर्म स्थलों में से एक है। ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस शांति स्तूप पर पैदल या रोपवे के द्वारा पहुंचा जा सकता है। सफेद संगमरमर से निर्मित यह स्तूप जैन समुदाय के लिए बेहद ही खास है।

जापानी जैन समुदाय के द्वारा गृद्धकूट पर्वत पर निर्मित विश्व शांति स्तूप पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। दुनियाँ भर के लोग इस स्तूप का दर्शन करने राजगीर आते हैं।

10. स्वर्ण भंडार राजगीर बिहार – Sonbhandar, Rajgir Tourism in Hindi

सोनभंडार गुफा राजगीर के इस गुफा के बारे में यह कहा जाता है की यहाँ पर जरासंध का सोने का भंडार था। यह भी कविदंती है की इस इस गुफा के अन्दर सोने का अपार भंडार छुपा है।

इस गुफा के प्रवेश द्वार के पास कुछ लिखा हुआ है। मान्यता है की इस पर खुदे शिलालेख में सोना भंडार गुफा तक जाने का राज लिखा हुआ है। 

11. अजातशत्रु का कीला – Rajgir Darshaniya Sthal Ajatshatru Fort In Hindi

कहते हैं की इस कीले का निर्माण अजातशत्रु ने 6 शतवादी के आस-पास किया था। आजतशत्रु ने राजगीर के पास राजगृह नामक नगर को बसाया था।

उस बक्त आजशत्रु अपने पिता बिंबिसार को जेल में डालकर मगध का सम्राट बन गया था। आज भी अजातशत्रु के कीले का अवशेष देखे जा सकते हैं।

12. राजगीर में शीशा का पुल – rajgir tourist places glass bridge

बिहार के राजगीर में पर्यटकों के विशेष आकर्षण के लिए एक ग्लास ब्रिज का निर्माण किया गया है। यह ब्रिज चीन के तर्ज पर बना हुआ है जिसे चीन में कांच के बने ब्रिज के तर्ज पर इस ग्लास ब्रिज का निर्माण किया गया है।

पांच पहाड़ियों से घिरे राजगीर में निर्मित इस ग्लास ब्रिज का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया। इस ग्लास स्काईवॉक ब्रिज को देखने के लिए काफी मात्रा में पर्यटकों की भीड़ रोजाना उमड़ रही है।

13. वीरायतन संग्रहालय- Veerayatan Museum, Rajgir Tourism in Hindi

इस संग्रहलय में जैन धर्म के संबंधित जानकारी संग्रहीत की गई है। पर्यटक के सबसे पसंदीदा जगह में से यह एक है। अगर आप जैन धर्म के 24 तीर्थकर के बारें में जानना चाहते हैं तो आपको वीरायतन संग्रहालय राजगीर में जरूर जाना चाहिये।

राजगीर के टॉप 15 पर्यटन स्थ
वीरायतन संग्रहालय राजगीर

14. पाण्डु पोखर – Pandu pokhar Rajgir Tourism in Hindi

राजगीर में स्थित पांडु पोखर (pandu pokhar )बिहार की अद्भुत विरासत अपने में सँजोये हुये है। राजगीर के राजहरा पहाड़ी के तराई में स्थित इस पोखर की छटा अद्भुत और मनमोहक है। पांडु पोखर की हरियाली जहाँ पर्यटक को लुभाती है।

वहीं धर्म में आस्था रखने वाले लोग भी यहाँ आकार धन्य समझते हैं। लगभग 22 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में फैला पांडु पोखर के एक क्षेत्र में फैल महान भारतीय इतिहास का एक अद्भुत और प्राचीन शानदार उदाहरण है।

पांडु पोखर बिहार के प्राकृतिक सुंदरता के गौरवशाली इतिहास का गवाह है। यह कैसे राजा पांडु, पांडवों के पिता राजगृह पर हमला किया और इसे घोड़े के अस्तबल में परिवर्तित कर दिया।

यह कहा जाता है कि जब वह इस जगह को छोड़ दिया, एक छोटी घाटीनुमा जैसा बनाया गया था और बाद में बारिश के पानी के जमा होने से ऐतिहासिक पांडु पोखर अस्तित्व में आया है। यह एक विरासत है जो प्राकृतिक संपदा के गौरवशाली इतिहास के बारे में बोलता है।

राजगीर के टॉप 15 पर्यटन स्थ
पाण्डु पोखर – Pandu pokhar Rajgir

मान्यता है की पांडव के पिता महाराज पांडू यहां स्नान करने आते थे। इस कारण इसका नामाकरण पांडू पोखर रखा गया है। पांडू पोखर के बीचों-बीच महाराज पांडु की लगभग 40 फीट उंची विशाल मूर्ति स्थापति है।

बिहार के राजगीर में स्थित पांडू पोखर के आधुनिकरण ने इसे पूरे भारत में पहचान दिला दी है। इस पोखर के  ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के कारण बिहार सरकार ने इसके सौंदर्यीकरण पर ध्यान दिया।

ताकि यह इतिहासिक स्थल पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन सकें। पांडु पोखर में सैर के लिए नौकायान की व्यवस्था है। इस पांडु पोखर में family और बच्चों के साथ नौकायान का मजा लिया जा सकता है।

इस पोखर के चारों तरफ सुंदर फूलों से सजी बगीचों इसकी सुंदरता में चार चांद लगा देती है। शाम के बक्त इस सरोवर में लगी हुई फब्वारा पर जब रंग विरंगी रोशनी पड़ती है तब पांडु पोखर का दृश्य और भी अद्भुत लगता है।

इस पोखर के इर्द गिर्द पर्यटक के बैठने के लिए सुंदर चबूतरे बने हुए हैं। पोखर के पार्क में संगमरमर से निर्मित भगवान बुद्ध की अनुपम प्रतिमा भी लगाई गई है।

15. प्राचीन नालंदा के अवशेष – places to visit in Rajgir and Nalanda in Hindi

राजगीर के पास प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष देखे जा सकते हैं। इस प्राचीन विश्वविद्यालय में देश विदेश से छात्र ज्ञान अर्जन के लिय आते थे। प्राचीन भारत का यह विख्यात शिक्षा का केन्द्र था।

चीनी यात्री चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी इसीमें शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होंने अपने यात्रा विवरण में इस विश्वविद्यालय के बारे में अहम जानकारी मिलती है।

इसके अलाबा राजगीर के दर्शनीय स्थल में घोरा कटोरा, नौलखा मंदिर, बाबा सिद्धनाथ का मंदिर,  वेनुवन, rajgir रोपवे(ropeway), श्रीकृष्ण भगवान के रथ के चक्कों के निशान आदि प्रमुख हैं।

धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बिहार के राजगीर पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। राजगीर में धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थल देखने लायक है।

राजगीर में पर्यटन का उपयुक्त समय – best time to visit Rajgir in Hindi

राजगीर धूमने के लिए सबसे अच्छा समय नवंबर के बाद का माना जाता है। इस दौरान यहाँ का मौसम बड़ा ही सुहावना होता है। इस दौरान आप यहाँ के गर्म जल कुंड में स्नान का आनंद लिया जा सकता है। साथ ही इसी दौरण यहाँ पर राजगीर महोत्सव का भी आनद उठाया जा सकता है।

राजगीर बिहार कैसे पहुंचे – How to reach Rajgir in Hindi

बिहार के प्रसिद्ध स्थल राजगीर सड़क, रेल और वायुमार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। राजगीर रेलवे स्टेशन पर उतर कर आसानी से राजगीर घूमा जा सकता है। राजगीर का निकटतम हवाई अड्डा पटना है। हवाई जहाज से पटना हवाई अड्डे उतर कर टैक्सी व ट्रेन से राजगीर पहुंचा जा सकता है।

राजगीर में क्या क्या है घूमने वाला?

राजगीर में घूमने के लिए यूं तो कई स्थान प्रसिद्ध हैं लेकिन उन जगहों में से कुछ चुनिंदा जगहों के नाम इस प्रकार हैं। – राजगीर का ग्लास पुल, सांची का स्तूप, बिंबिसार जेल, जरासंध का आखड़ा, सोन भंडार गुफा व कई प्राकृतिक जल कुंड।

राजगीर कब जाना चाहिए?

राजगीर जाने के लिए नवंबर के बाद का महिना सबसे अच्छा रहता है। क्योंकि इस दौरन यहाँ का मौसम बड़ा ही सुहावना रहता है।

राजगीर क्यों प्रसिद्ध है?

राजगीर बिहार के एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल हैं। जिसे भगवान बुद्ध और भगवान महाबीर से जोरकर देखा जाता है। हिन्दू धर्म के लिए भी यह स्थल काफी महत्व रखता है। साथ ही पर्यटन की दृष्टि से भी यह प्रसिद्ध है।

प्रश्न राजगीर कहा है? उत्तर – राजगीर एक प्रसिद्ध धार्मिक और एतिहासिक है। यह भारत के बिहार राज्य में नालंदा जिले में स्थित हैं।

प्रश्न – राजगीर में कौन सा मंदिर है?

उत्तर – राजगीर में सप्तपर्णि गुफा, विश्व शांति स्तूप, सोन भंडार गुफा, मणियार मठ, जरासंध का अखाड़ा, बिम्बिसार की जेल, नौलखा मंदिर, जापानी मंदिर, रोपवे, बाबा सिद्धनाथ का मंदिर, घोड़ाकटोरा डैम, तपोवन, जेठियन बुद्ध पथ, वेनुवन, वेनुवन विहार, प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय है

प्रश्न – राजगीर कुंड में गर्म पानी कहां से आता है?

उत्तर – कहा जाता है की बिहार के राजगीर कुंड में गर्म पानी पास स्थित वैभारगिरी पर्वत से सप्तकर्णी गुफाओं होते हुए आता है। अनुमान लगाया जाता है की रास्ते में कई तरह के केमिकल्स जैसे सोडियम, गंधक, सल्फर से गुजरते हुए पानी कुंड तक आता है। इसी केमिकल के कारण इसका जल गर्म होता होगा।

इन्हें भी पढ़ें : –

बाहरी कड़ियाँ (External links)

नालंदा के दर्शनीय स्थल Nalanda tourist places

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