स्वच्छ भारत मिशन 2023 : तिथि, इतिहास, महत्व पीएम मोदी ने किया अभियान में शामिल होने का आह्वान

स्वच्छ भारत मिशन 2023 : स्वच्छ भारत मिशन के 9 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा के रूप में – स्वच्छता ही सेवा 2023 का आयोजन किया गया है।

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इस मिशन को शुरू करने का उनका उद्देश्य पूरे भारत में खुले में शौच से मुक्ती के प्रयासों में तेजी भी लाने था। फलतः कचरा मुक्त भारत और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से प्रधान मंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी।

स्वच्छ भारत मिशन 2023

पीएम मोदी ने देश वासियों से 1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से मेगा स्वच्छता अभियान की घोषणा की, उन्होंने देश वासियों से इस अभियान में भाग लेने के हेतु अपील की। इस अभियान की शुरुआत भारत के प्रधान मंत्री ने 2014 में गांधी जी के जन्म दिवस 2 अक्टूबर के मौके पर किया था।

स्वच्छ भारत मिशन का इतिहास

भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 में की थी। इसके पीछे का उनका उद्देश्य भारतीय गाँव और शहरों को ‘कचरा मुक्त’ और ‘जल सुरक्षित’ करना है।

इस दिन को चुनने के पीछे कारण था की 2 अक्टूबर को महात्मा गाँधी का जन्म दिवस है। गांधी जी का आजादी में बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने हमारे देश भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराया था।

वे हमेशा स्वच्छता पर जोर दिया करते थे। उसके 7 साल बाद 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 की शुरुआत की।

स्वच्छता सभी लोगों की मूलभूत आवश्यकता है। इसके लिए हर दर में शौचालय जरूरी है। प्राचीन भारत में भी शौचालय निर्माण और अपशिष्ट प्रबंधन के ऐतिहासिक साक्ष्य मिलते हैं।

लेकिन सदियों से भारत की सामाजिक व्यवस्था से इसका महत्व धीरे-धीरे ख़त्म होता गया। एक आकडे के अनुसार 2014 तक  भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 55 करोड़ लोगों के पास शौचालय नहीं था।

इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान पर गंभीर असर हो रहा था। इसी सब के मद्देनजर इस मिशन की शुरुआत की गई।

स्वच्छ भारत मिशन का महत्व

पूरे भारत में खुले में शौच-मुक्त स्थिति और सार्वभौमिक स्वच्छता कवरेज प्राप्त करने के प्रयासों में तेजी लाने और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, प्रधान मंत्री मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया।

इस उद्देश्य के लिए सभी कस्बे, ग्राम पंचायतें, नागरिक उड्डयन, रेलवे और सार्वजनिक संस्थान के क्षेत्र में स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

स्वच्छ भारत मिशन उद्देश्य

स्वच्छ भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य गाँव, गलियों, सड़को और घरों के आसपास साफ़ सुथरा रखना तथा सफाई के प्रति लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है। स्वच्छता के द्वारा गंदगी से होने वाली अनेकों बीमारियाँ को खत्म किया जा सकता है।

बापू के जन्म दिवस 2 अक्टूबर के अवसर पर यही सच्ची ‘स्वच्छांजलि’ होगी। बताते चले की स्वच्छ भारत मिशन के 9 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा- स्वच्छता ही सेवा 2023 मनाया जा रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन और पीएम का आह्वान

प्रधान मंत्री जी ने 29 सितंबर को कहा कि स्वच्छ भारत हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसमें हरेक का योगदान जरूरी है। पीएम नेरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात के मन की बात के 105वें एपिसोड इस बात की अपील की।

उन्होंने गांधी जी के जन्म दिन के ठीक एक दिन पहले अर्थात 1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे सभी देश वासी द्वारा सामूहिक रूप से स्वच्छता कार्यकर्म में भाग लेने की अपील की। राष्ट्रपिता की जयंती की पूर्व संध्या पर उन्होंने लोगों से समय निकालकर इस मिशन में सहयोग का आह्वान किया।

इसके लिए आप अपने धरो के आसपास, गली, पार्क, नदी, झील या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर जमा होकर स्वच्छता अभियान में योगदान किया जा सकता है।

प्रधान मंत्री में स्वच्छता ही सेवा अभियान पर अपने विचार रखते हुए कहा, “1 अक्टूबर यानी रविवार को सुबह 10 बजे स्वच्छता कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।